बगलकोट (कर्नाटक): केंद्रीय रेल और जलशक्ति राज्यमंत्री वी. सोमन्ना ने बगलकोट में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और राज्य सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, जो अपना दूसरा कार्यकाल पूरा कर रहे हैं, ने सत्ता का इस्तेमाल निजी और स्वार्थी हितों के लिए किया, जिससे राज्य की जनता को नुकसान हुआ और कर्नाटक को अंधेरे की ओर धकेला गया।
सोमन्ना ने बताया कि विभिन्न फसलों के लिए समर्थन मूल्य घोषित करने के बावजूद राज्य सरकार प्रभावी कदम नहीं उठा पाई और इसी कारण पिछले तीन वर्षों में 2,809 किसानों की मौत हुई। उन्होंने यह भी कहा कि 2.5 लाख से अधिक सरकारी पद अभी भी खाली हैं और उत्तरी कर्नाटक में बाढ़ प्रभावितों के लिए एक भी रुपया जारी नहीं किया गया, जबकि पीने के पानी का संकट लगातार बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने बेंगलुरु के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि न केवल विपक्षी विधायकों ने, बल्कि सत्ताधारी पार्टी के विधायकों ने भी अपने क्षेत्रों में जाकर जनता को यह दावा करने का नैतिक अधिकार खो दिया है कि उन्होंने अच्छा काम किया है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद ने सरकारी प्रशासन की सारी हदें पार कर दी हैं और राज्य का प्रशासन कुप्रबंधन का अड्डा बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने ही सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों और आलोचनाओं पर भी उदासीन रहती है। उन्होंने पूरे मंत्रिमंडल को भ्रष्टाचार में डूबा हुआ बताते हुए बुनियादी ढांचे की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री ने उपचुनावों को सरकार के अहंकार, भ्रष्टाचार और कामकाज की असफलताओं को जनता के सामने उजागर करने का अवसर बताया। उन्होंने कहा कि सरकार एक समुदाय को दूसरे के खिलाफ खड़ा कर जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।
वी. सोमन्ना ने कहा कि जनता अब अपनी आंखें खोल चुकी है और उन्हें चुनावों में इस असफल और भ्रष्ट प्रशासन का हिसाब मांगने का मौका मिलेगा। उन्होंने बगलकोट में भाजपा उम्मीदवार वीरन्ना चरंतिमठ के समर्थन में प्रचार करते हुए जनता से उम्मीद जताई कि वे सही प्रतिनिधि चुनेंगे, जो राज्य के विकास और किसानों तथा आम जनता के हित में काम करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि 'जल जीवन मिशन' के तहत 28,000 करोड़ रुपये जमा किए गए थे, इस उम्मीद के साथ कि राज्य उपयोगिता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा और फंड का सही तरीके से उपयोग करेगा। लेकिन, उन्होंने कहा कि राज्य ने अब तक केवल 11,000 करोड़ रुपये ही निकाले हैं।
सोमन्ना ने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में कई अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने बताया कि लगभग 41 लाख फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए हैं और जेसीबी से जुड़े कामों समेत विभिन्न बहानों के जरिए पैसे निकाले जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 'विकसित भारत' की परिकल्पना के तहत राष्ट्रीय विकास और ग्रामीण आजीविका में सुधार के लिए बजट को बढ़ाया है। पहले 88,000 करोड़ रुपए आवंटित किए गए थे, जिन्हें अब 97,000 करोड़ रुपए कर दिया गया है।
सोमन्ना ने राज्य सरकार को अक्षम और उदासीन बताते हुए आरोप लगाया कि कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और जनता तक योजना का लाभ सही तरीके से नहीं पहुंच रहा। उन्होंने कहा कि इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और योजनाओं का लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
--आईएएनएस
