Kisan Credit Card Scheme : किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों की जिंदगी में आया बदलावः शिवराज चौहान

रायसेन कृषि महोत्सव में किसानों को KCC, कुसुम योजना और नवाचारों की दी जानकारी
किसान क्रेडिट कार्ड से किसानों की जिंदगी में आया बदलावः शिवराज चौहान

रायसेन: मध्य प्रदेश के रायसेन में आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव 2026 के आखिरी दिन किसान सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान क्रेडिट कार्ड पर जानकारी दी।

शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा, "इस मेले का उद्देश्य है कि जो सरकारी योजनाएं हैं, उन सभी के बारे में आप लोगों को जानकारी हो। नए इनोवेशन को जानें और नई नवाचारों के बारे में आपको जानकारी मिले। किसान क्रेडिट कार्ड एक बड़ी योजना है, इससे किसानों की जिंदगी में बदलाव आता है। यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय शुरू हुई थी और इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बढ़ाया है।"

उन्होंने कहा, "खाद-बीज के लिए जब पैसे की जरूरत होती थी तो लोन लेना पड़ता था। उस समय ऊंचे ब्याज की दरों पर कर्ज लेना पड़ता था। प्राइवेट आदमी से लोग लोन लेते थे और पूरी फसल ब्याज चुकाने में चली जाती थी। किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम किसानों के लिए वरदान है। इसके अलावा एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड स्कीम भी बहुत अच्छी है।

प्रधानमंत्री कुसुम योजना केंद्र सरकार की एक प्रमुख पहल है, जो किसानों को सोलर पंप लगाने और ग्रिड-संबद्ध सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए लगभग 60 फीसदी तक सब्सिडी प्रदान करती है। किसानों के पास अभी भी जानकारी की कमी है, इसलिए कई बार गलतियां हो जाती हैं। वहीं, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर और हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा की मौजूदगी में किसानों के हित में आयोजित कृषि विज्ञान केंद्र सेमिनार में सहभागिता की और किसानों को संबोधित किया।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ में किसान उत्पादक संगठन से जुड़ी हमारी मातृशक्ति अपनी उद्यमशीलता और परिश्रम से सफलता की नई कहानी लिख रही है। बेहतरीन उत्पादों, आधुनिक सोच और उच्च गुणवत्ता के साथ ये महिलाएं आत्मनिर्भर भारत की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत कर रही हैं। एकजुटता की शक्ति और बाज़ार की समझ के माध्यम से वे न केवल अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं बल्कि पूरे गांव के समग्र विकास का मार्ग भी प्रशस्त कर रही हैं।

स्वयं सहायता समूह की महिलाएं अपने उत्पादों, नवाचारों और उद्यमिता से उन्नत कृषि महोत्सव 2026 में विशेष पहचान बना रही हैं। उनके स्टॉलों पर आत्मनिर्भरता, गुणवत्ता और मूल्य संवर्धन स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है। नए प्रयोगों और संगठित प्रयासों के माध्यम से ये महिलाएं न केवल अपनी आय बढ़ा रही हैं बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती दे रही हैं। तीन दिवसीय ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ किसानों के लिए नई उम्मीदों और अवसरों के साथ अपने समापन की ओर अग्रसर है। आधुनिक तकनीक, नवाचार और प्राकृतिक संसाधनों के समन्वय ने खेती को एक नई दिशा दी है।

--आईएएनएस

 

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...