Agriculture Policy India : खाद की कीमतों में नहीं होगा इजाफा, ‘फॉर्मर आईडी’ से रोकी जाएगी कालाबाजारी: शिवराज चौहान

शिवराज सिंह चौहान ने खाद सब्सिडी जारी रखने और फॉर्मर आईडी लागू करने की घोषणा की
खाद की कीमतों में नहीं होगा इजाफा, ‘फॉर्मर आईडी’ से रोकी जाएगी कालाबाजारी: शिवराज चौहान

भोपाल: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार किसानों को खाद की बढ़ती वैश्विक कीमतों से बचाना जारी रखेगी। उन्‍होंने कहा कि खाद के पारदर्शी वितरण को सुनिश्चित करने तथा उसके गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एक 'फॉर्मर आईडी' प्रणाली शुरू कर रही है।

अपने आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे माल की कीमतों में वृद्धि के बावजूद सरकार ने किसानों के लिए खाद की कीमतें अपरिवर्तित रखने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, "यूरिया का एक बैग 266 रुपए में और डीएपी 1,350 रुपए में मिलता रहेगा। सरकार पूरा अतिरिक्त बोझ खुद उठा रही है, ताकि किसानों पर कोई असर न पड़े।"

उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सब्सिडी को जारी रखने के लिए 41,000 करोड़ रुपए के अतिरिक्त आवंटन को मंजूरी दे दी है, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण किसानों को किसी भी तरह की आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सब्सिडी वाली खाद अक्सर औद्योगिक या गैर-कृषि उद्देश्यों के लिए भेज दी जाती है। इससे निपटने के लिए केंद्र सरकार 'फॉर्मर आईडी' आधारित एक प्रणाली विकसित कर रही है।

चौहान ने समझाया, "यह मॉडल हर किसान की जमीन की जानकारी, फसल का विवरण और परिवार की जानकारी को एक ही आईडी से जोड़ देगा। इसके आधार पर खाद की सटीक जरूरत तय की जाएगी।"

उन्होंने आगे कहा कि इस प्रणाली का उद्देश्य एक संतुलन बनाना है, जिसके तहत असली किसानों को पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही जमाखोरी, कालाबाजारी और जरूरत से ज्‍यादा खरीद को भी रोका जाए।

उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य यह है कि किसी भी किसान को खाद की कमी का सामना न करना पड़े, लेकिन साथ ही इसके गलत इस्तेमाल पर भी पूरी तरह से रोक लगे।"

मंत्री के अनुसार, अब तक 92.9 मिलियन से ज्‍यादा 'फॉर्मर आईडी' बनाई जा चुकी हैं और सरकार का लक्ष्य देशभर में लगभग 13 करोड़ किसानों तक इस सुविधा का विस्तार करना है।

शिवराज चौहान ने बंटाईदारों और किरायेदार किसानों के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि एक मॉडल, जिसका मध्य प्रदेश और हरियाणा में सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है। ऐसे किसानों को जमीन मालिकों से लिखित अनुमति के आधार पर खाद प्राप्त करने की सुविधा देता है।

मंत्री ने कहा, "हम इस प्रणाली को और बेहतर बनाने और इसे पूरे देश में लागू करने पर काम कर रहे हैं, ताकि कोई भी किसान इससे वंचित न रहे।"

वैश्विक घटनाक्रमों का जिक्र करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार खाद की आपूर्ति और कृषि निर्यात पर भू-राजनीतिक तनावों के प्रभाव पर बारीकी से नजर रख रही है।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लगातार उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की जा रही हैं।”

उन्होंने दोहराया कि किसानों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। चौहान ने कहा, “हम किसानों के लिए उचित मूल्य, पर्याप्त इनपुट और वैश्विक संकटों का उन पर न्यूनतम प्रभाव सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

--आईएएनएस

 

 

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