Shaina NC Statement : खुद को जनता से ऊपर समझने वाले विधायक को राजनीति में रहने का अधिकार नहीं : शायना एनसी

शायना एनसी ने कांग्रेस नेताओं की वीआईपी सोच पर कड़ा हमला बोला, आम जनता को महत्व देने पर जोर
खुद को जनता से ऊपर समझने वाले विधायक को राजनीति में रहने का अधिकार नहीं : शायना एनसी

मुंबई: शिवसेना नेता शायना एनसी ने वीआईपी संस्कृति को लेकर कांग्रेस नेताओं पर जमकर हमला बोला। उन्‍होंने कहा कि जो विधायक खुद को जनता से ऊपर समझता है, उसे राजनीति में रहने का अधिकार नहीं है।

दरअसल, कर्नाटक की राजनीति में एक नया विवाद सामने आया है। बताया जा रहा है कि कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आईपीएल मैच देखने के लिए लाइन में खड़े होने से इनकार करते हुए विशेष व्यवस्था की मांग की। इस मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा विधायकों को टिकट उपलब्ध कराए जाने की खबरों ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है।

इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना नेता शायना एनसी ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्‍होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि कर्नाटक के ऐसे विधायक और सांसद, जो खुद को वीआईपी मानते हैं और लाइन में खड़े होने से इनकार करते हैं, उनके इस रवैये पर शर्म आती है। देश में अब वीआईपी कल्चर खत्म होना चाहिए और यह समझना जरूरी है कि जनता ही नेताओं को चुनती है। अगर जनप्रतिनिधि जनता का सम्मान नहीं करेंगे, तो जनता उन्हें करारा जवाब देगी।

शायना एनसी ने आगे कहा कि जो भी विधायक खुद को आम जनता से ऊपर समझता है, उसे राजनीति में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, वीआईपी संस्कृति के दिन अब खत्म हो चुके हैं और जनता ऐसे नेताओं को नकार देगी जो खुद को विशेषाधिकार प्राप्त मानते हैं।

वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में दिए गए भाषण पर शायना एनसी ने कहा कि हर भारतीय को उनका भाषण सुनना चाहिए। उन्होंने संसद में जो कुछ कहा, वह सत्य है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मोदी सरकार के प्रयासों से देश में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में बड़ी सफलता मिली है।

इसके अलावा, महावीर जयंती के अवसर पर भी शायना एनसी ने संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर के अमन, शांति और अहिंसा के सिद्धांत आज के समय में और अधिक प्रासंगिक हैं, खासकर जब दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और अशांति का माहौल है। भारत इन आदर्शों के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने एकनाथ शिंदे के भाषण का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य नेतृत्व भी इसी सोच को आगे बढ़ा रहा है।

--आईएएनएस

 

 

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