तिरुवनंतपुरम, 5 जून (आईएएनएस)। केरल में सीपीआई (एम) की लीडरशिप पर नए सिरे से सवाल उठने लगे हैं। पार्टी के पूर्व राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन की पत्नी विनोदिनी कोडियेरी ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि उनके पति की मौत के बाद पार्टी की टॉप लीडरशिप ने उनके परिवार को बुरी तरह नजरअंदाज किया।
एक इंटरव्यू में विनोदिनी ने आरोप लगाया कि कोडियेरी के निधन के बाद के चार वर्षों में पार्टी के सीनियर नेताओं ने परिवार का हाल-चाल पूछने की भी जहमत नहीं उठाई। अक्टूबर 2022 में कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद कोडियेरी का निधन हो गया था।
उन्होंने कहा कि परिवार को सबसे ज्यादा दुख इस बात से हुआ कि कोडियेरी की आखिरी इच्छा को नजरअंदाज किया गया।अपने आखिरी दिनों में कोडियेरी की सबसे बड़ी इच्छा तिरुवनंतपुरम (पार्टी मुख्यालय) लौटने और उन कार्यकर्ताओं के बीच रहने की थी जिन्होंने उनके पूरे राजनीतिक करियर में उनका साथ दिया था।
विनोदिनी ने आरोप लगाया कि राज्य की राजधानी तक अंतिम संस्कार का जुलूस और एकेजी सेंटर पर सार्वजनिक श्रद्धांजलि सभा, जिसमें हजारों पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल होते, उनको नेतृत्व के कुछ वर्गों द्वारा जानबूझकर टाल दिया गया।
उन्होंने कहा कि परिवार को आज भी इस बात का दुख है कि कोडियेरी, जिन्होंने पार्टी संगठन को खड़ा करने में दशकों बिताए, उन्हें वह विदाई नहीं मिल सकी जो उन्हें उनके समर्थकों से मिलनी चाहिए थी।
विनोदिनी की बातों को सीपीआई (एम) के राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन और पार्टी के सीनियर नेतृत्व की अप्रत्यक्ष आलोचना के तौर पर देखा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केरल में अहम पद पर बैठे एक सीनियर पोलित ब्यूरो सदस्य ने बार-बार संपर्क करने की कोशिशों के बावजूद उनके फोन कॉल का जवाब तक नहीं दिया।
विनोदिनी ने सवाल उठाया कि क्या उस नेता ने उन्हें इसलिए नजरअंदाज किया, क्योंकि उन्हें लगा कि वह उनके प्रभाव का इस्तेमाल करके कोई निजी फायदा उठाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि कोडियेरी की मौत के बाद न तो पिनाराई विजयन और न ही राज्य सचिव समेत पार्टी के किसी सीनियर नेता ने परिवार का हाल-चाल जानने के लिए एक बार भी संपर्क किया।
उन्होंने साफ किया कि उनकी आलोचना उनके बेटे की पार्टी में राजनीतिक वापसी के बारे में नहीं थी, बल्कि उस नेता के प्रति कृतज्ञता न दिखाने के बारे में थी जिसने अपना पूरा जीवन कम्युनिस्ट आंदोलन के लिए समर्पित कर दिया था।
उन्होंने कहा कि परिवार किसी से कोई फायदा या सिफारिश नहीं मांग रहा था और जिन लोगों ने उन्हें निराश किया, वे आम कार्यकर्ता नहीं, बल्कि संगठन के सीनियर नेता थे।
इन आरोपों ने पार्टी के हलकों में चर्चा छेड़ दी है खासकर उन लोगों के बीच जिनका मानना था कि मुश्किल समय में कोडियेरी के परिवार को हमेशा संगठन का समर्थन मिलेगा। इन खुलासों से सीपीआई (एम) के अंदर आंतरिक बहस और तेज होने की संभावना है क्योंकि पार्टी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक के परिवार के साथ कथित तौर पर किए गए बर्ताव पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
--आईएएनएस
डीकेएम/वीसी
