समृद्ध महाराष्ट्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी लाएं: सीएम देवेंद्र फडणवीस

समृद्ध महाराष्ट्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी लाएं: सीएम देवेंद्र फडणवीस

मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे प्रोजेक्ट पूरा होने में आ रही रुकावटों को दूर करें और यह सुनिश्चित करें कि ठेकेदार अपनी तय समय-सीमा का सख्ती से पालन करें।

उन्होंने विभागों को निर्देश दिया कि अगर ठेकेदार बेवजह देरी करते हैं, तो उन्हें भविष्य के प्रोजेक्ट्स से रोककर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाए।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की समृद्धि के लिए, इंफ्रास्ट्रक्चर विकास प्रोजेक्ट्स के काम में तेजी लाना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने इंफ्रास्ट्रक्चर मुख्यमंत्री के 'वॉर रूम' की बैठक के दौरान विभिन्न बड़े प्रोजेक्ट्स की प्रगति की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए।

उन्‍होंने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को तीन से साढ़े तीन साल की तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। टेंडर जारी करते समय, मूल्यांकन के मानदंडों में ठेकेदार के पिछले प्रोजेक्ट्स को पूरा करने में लगे समय के ट्रैक रिकॉर्ड को भी शामिल किया जाना चाहिए। ठेकेदारों की देरी से राष्ट्रीय और, परिणामस्वरूप, राज्य-स्तर पर वित्तीय नुकसान होता है। इसलिए, प्रोजेक्ट पूरा होने में किसी भी हाल में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने माना कि इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को कई रुकावटों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि विभागों को इन चुनौतियों को पार करके सक्रिय रूप से आगे बढ़ना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने धारावी झुग्गी-झोपड़ी पुनर्निर्माण प्रोजेक्ट की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे धारावी के उद्यमियों को राज्य जीएसटी में छूट देने की प्रक्रिया शुरू करें। इस कदम का उद्देश्य स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा देना और धारावी की विशाल अनौपचारिक अर्थव्यवस्था को औपचारिक अर्थव्यवस्था में बदलना है।

सीएम ने एनएम जोशी मार्ग, नायगांव और वर्ली में बीडीडी चालों के पुनर्निर्माण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निवासियों को किराया दें, मौजूदा घरों पर तुरंत कब्‍जा लें और बिना किसी देरी के निर्माण कार्य शुरू करें।

फडणवीस ने कहा कि ठाणे-बोरीवली ट्विन टनल प्रोजेक्ट को तय समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने प्रगति की निगरानी के लिए तीन महीने के अंतरिम लक्ष्य तय करने का निर्देश दिया।

गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (जीएमएलआर) प्रोजेक्ट के मामले में उन्होंने प्रशासन को जनवरी 2029 की सख्त समय-सीमा तय करने का निर्देश दिया। इससे पश्चिमी और पूर्वी उपनगरों के बीच कनेक्टिविटी में काफी आसानी होगी।

फडणवीस ने बांद्रा-वर्सोवा सी-लिंक प्रोजेक्ट पर काम में तेजी लाने और बची हुई रुकावटों को तुरंत दूर करने को कहा। उन्होंने सभी साइटों पर बिना किसी रुकावट के निर्माण कार्य जारी रखने के लिए ईंधन आपूर्ति लाइनों को भी सुचारू रखने की सलाह दी। विरार-अलीबाग मल्टी-मॉडल कॉरिडोर के लिए, मुख्यमंत्री ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने का आदेश दिया।

उन्होंने एजेंसियों से रणनीतिक रूप से योजना बनाने का आग्रह किया कि राज्य सरकार इस बढ़ोतरी से कैसे कमाई कर सकती है। उन्होंने कॉरिडोर के साथ-साथ कुछ खास ज़ोन तय करने का सुझाव दिया, जहां सरकार निवेशकों को लक्षित औद्योगिक विकास के लिए जमीन दे सके।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने पुणे रिंग रोड को तेजी से पूरा करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को मूला-मुठा नदी पुनर्जीवन परियोजना के लिए जमीन आवंटन में भी तेजी लाने का निर्देश दिया। पुणे के मेट्रो नेटवर्क के विस्तार के साथ, उन्होंने एक एकीकृत टिकटिंग प्रणाली की जरूरत पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने छत्रपति संभाजीनगर जल आपूर्ति के मामले में नगर निगम और जल आपूर्ति विभाग से आपस में मिलकर काम करने, तकनीकी रुकावटों को दूर करने और शहर के निवासियों के लिए बिना किसी रुकावट के और भरपूर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा।

--आईएएनएस

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