सीबीएसई की ओएसएम व्यवस्था की जांच के लिए राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति गठित, एक महीने में देनी होगी रिपोर्ट

सीबीएसई की ओएसएम व्यवस्था की जांच के लिए राधा चौहान की अध्यक्षता में एक सदस्यीय समिति गठित, एक महीने में देनी होगी रिपोर्ट

नई दिल्ली, (आईएएनएस)। सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर उठे विवाद के बीच केंद्र सरकार ने जांच के लिए बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार ने ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम से जुड़ी सेवाओं की खरीद (प्रोक्योरमेंट) की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति का गठन किया है।

इस समिति की जिम्मेदारी कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन राधा चौहान को सौंपी गई है।

कैबिनेट सचिवालय की ओर से जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, यह समिति सीबीएसई द्वारा ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के लिए सेवाओं की खरीद से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। समिति की अध्यक्ष राधा चौहान को आवश्यकता पड़ने पर विभिन्न विभागों और कार्यालयों के अधिकारियों की सहायता लेने का अधिकार भी दिया गया है। वहीं समिति को प्रशासनिक और सचिवीय सहायता कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन उपलब्ध कराएगा।

सरकार ने समिति को अपनी जांच पूरी कर एक महीने के भीतर कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। ऐसे में अब इस मामले में जल्द ही महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसी बीच केंद्र सरकार ने सीबीएसई में एक और अहम प्रशासनिक बदलाव किया है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग में निदेशक के पद पर कार्यरत भारतीय सूचना सेवा (आईआईएस) अधिकारी वरुण भारद्वाज को सीबीएसई का नया सचिव नियुक्त किया गया है। उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति व्यवस्था के तहत लेटरल शिफ्ट आधार पर यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

वरुण भारद्वाज वर्ष 2008 बैच के अधिकारी हैं और वे सीबीएसई में सचिव (डायरेक्टर स्तर) के रूप में कार्य करेंगे। उनकी नियुक्ति हिमांशु गुप्ता के स्थान पर की गई है। आदेश के अनुसार उनका कार्यकाल 19 सितंबर 2027 तक रहेगा, जो केंद्रीय स्टाफिंग योजना के तहत पांच वर्ष की संयुक्त अवधि का हिस्सा होगा।

ऑन स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों की ओर से कई सवाल उठाए गए थे। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने जांच समिति गठित करने और सीबीएसई में प्रशासनिक बदलाव करने का फैसला लिया है, ताकि मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और भरोसा सुनिश्चित किया जा सके।

--आईएएनएस

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