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Russia UP Investment : उत्तर प्रदेश में रूसी निवेश बढ़ेगा, रक्षा-एयरोस्पेस सेक्टर को मिलेगी नई गति

इन्वेस्ट यूपी ने रूसी कंपनियों को डिफेंस कॉरिडोर से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की
उत्तर प्रदेश में रूसी निवेश बढ़ेगा, रक्षा-एयरोस्पेस सेक्टर को मिलेगी नई गति

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर को गति देने के लिए अब रूस की कंपनियां बड़ा निवेश करने जा रही हैं। इंवेस्ट यूपी ने इस दिशा में सक्रिय पहल करते हुए रूसी कंपनियों को डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

हाल ही में इंवेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी शशांक चौधरी ने रूस की रक्षा निर्माण कंपनियों और इंडिया-रशिया कोलैबोरेशन चैंबर के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निवेश की संभावनाओं पर गहन चर्चा की। बैठक में कई कंपनियों ने यूपी के डिफेंस कॉरिडोर और एयरोस्पेस सेक्टर में निवेश करने और तकनीकी सहयोग देने पर सहमति जताई है।

रूसी कंपनियों के निवेश को बढ़ावा देने के लिए इन्वेस्ट यूपी ने एक विशेष ‘रूस डेस्क’ की स्थापना की है। यह डेस्क रूस के निवेशकों से सीधे संवाद स्थापित करने, उनकी जरूरतों को समझने और उनके निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने में मदद करेगी। इसके लिए समर्पित अधिकारियों की टीम नियुक्त की गई है। रूस की कंपनियां मुख्य रूप से रक्षा निर्माण और एयरोस्पेस उत्पादन में निवेश की इच्छुक हैं।

इंवेस्ट यूपी ने विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए विभिन्न देशों की अलग-अलग डेस्क बनाई हैं, जिनका उद्देश्य निवेश प्रक्रिया को सरल बनाना और राज्य में औद्योगिक विकास को गति देना है।

उत्तर प्रदेश में छह नोड्स, कानपुर, लखनऊ, अलीगढ़, झांसी, आगरा और चित्रकूट, में डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार को अब तक इस परियोजना के लिए 33,896 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें सबसे अधिक 12,803.58 करोड़ रुपए के प्रस्ताव कानपुर नोड के लिए मिले हैं।

झांसी में 11,276.46 करोड़ रुपए, चित्रकूट में 530 करोड़ रुपए, कानपुर में 12,803.58 करोड़ रुपए, अलीगढ़ में 3,872.28 करोड़ रुपए, लखनऊ में 4,850.67 करोड़ रुपए और आगरा में 407 करोड़ रुपए नोडवार निवेश प्रस्तावित हैं।