राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बावजूद नितिन नवीन बिहार की मिट्टी से जुड़े हुए हैं, बांकीपुर भाजपा का गढ़: संजय सरावगी

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बावजूद नितिन नवीन बिहार की मिट्टी से जुड़े हुए हैं, बांकीपुर भाजपा का गढ़: संजय सरावगी

पटना, 4 जून (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार को विधान परिषद चुनाव की तैयारी को लेकर अपने आवास पर महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा सीट लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है और यहां पार्टी का प्रदर्शन लगातार बेहतर रहा है। भाजपा इस सीट पर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बावजूद नितिन नवीन अपनी जड़ों और बिहार की मिट्टी से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के शीर्ष पद पर पहुंचने के बाद भी उनका बिहार से लगातार संपर्क बना हुआ है और वह समय-समय पर राज्य का दौरा करते रहते हैं।

संजय सरावगी ने आगामी विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों और बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में संभावित उपचुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि एमएलसी चुनावों के लिए नामांकन की प्रक्रिया और तिथियां तय की जा चुकी हैं, जबकि बांकीपुर उपचुनाव को लेकर संगठन के भीतर संभावित उम्मीदवारों और चुनावी रणनीति पर चर्चा जारी है।

सरावगी ने स्पष्ट किया कि भाजपा की परंपरा रही है कि वह अपने समर्पित कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ने का अवसर देती है, और इसी परंपरा के अनुरूप बांकीपुर से भी पार्टी का ही कोई कार्यकर्ता उम्मीदवार बनाया जाएगा।

इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी सहित बिहार सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों का भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के आवास पर पहुंचना भी राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना रहा। इस बैठक को लेकर विभिन्न राजनीतिक कयास लगाए जाने लगे, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने इसे संगठनात्मक और चुनावी तैयारियों से जुड़ी सामान्य प्रक्रिया बताया।

इस संबंध में केंद्रीय मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र नितिन नवीन का पारंपरिक राजनीतिक क्षेत्र रहा है और भविष्य में संभावित चुनावी परिस्थितियों को देखते हुए प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श किया गया। उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और आगामी चुनावों के लिए रणनीति तैयार करना था।

--आईएएनएस

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