![]()
राजकोट/गांधीनगर, 10 अप्रैल (आईएएनएस)। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 13 और 14 अप्रैल को गुजरात में दीक्षांत समारोह में शामिल होंगी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 13 अप्रैल को संस्थान का पहला दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें वर्ष 2020 में प्रवेश लेने वाले एमबीबीएस छात्रों के पहले बैच को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी।
दीक्षांत समारोह में कुल 49 छात्रों को एमबीबीएस की डिग्रियां मिलेंगी, जबकि एक छात्र को वायरोलॉजी में पोस्ट डॉक्टोरल सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होने वालीं राष्ट्रपति मुर्मु दीक्षांत भाषण देंगी। साथ ही, पदक व डिग्री प्रमाण पत्र वितरित करेंगी।
एमबीबीएस छात्रों को दस पदक प्रदान किए जाएंगे, जिनमें शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए चार स्वर्ण, तीन रजत और तीन कांस्य पदक शामिल हैं।
इस समारोह में लगभग 700 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है, जिनमें ग्रेजुएट, उनके परिवार, फैकल्टी सदस्य और आमंत्रित मेहमान शामिल हैं। इस समारौह में जिन लोगों के मौजूद रहने की संभावना है, उनमें गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया शामिल हैं।
एम्स राजकोट की स्थापना 2019 में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत राष्ट्रीय महत्व के संस्थान के रूप में की गई थी।
इसके बाद अगले दिन 14 अप्रैल को राष्ट्रपति गांधीनगर में राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय (आरआरयू) के पांचवें दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम शाम लगभग 5 बजे विश्वविद्यालय के लवाद-देहगाम स्थित कैंपस में आयोजित किया जाएगा।
राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा तथा पुलिस अध्ययन पर केंद्रित 'राष्ट्रीय महत्व के संस्थान' के रूप में नामित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति इस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। उनके दौरे की तैयारियां फिलहाल चल रही हैं।
राष्ट्रपति ने पिछली बार पिछले साल अक्टूबर में गुजरात का दौरा किया था। यह 9 से 11 तारीख तक चला तीन दिवसीय दौरा था, जिसके दौरान उन्होंने अहमदाबाद स्थित गुजरात विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह सहित कई आधिकारिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।
--आईएएनएस
पीएसके