रांची: रांची पुलिस ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी (टीएसपीसी) के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने संगठन के सब जोनल कमांडर विरम राम उर्फ विक्रम उर्फ अरविंद को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ उग्रवादी वारदातों के 25 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। विक्रम की गिरफ्तारी लातेहार जिला अंतर्गत चंदवा के धोबी टोला स्थित उसके आवास से की गई है।
वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रांची को मिली गुप्त सूचना के आधार पर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन और डीएसपी खलारी के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया था। पुलिस की घेराबंदी देख विक्रम राम ने घर के पीछे से भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने उसे धर दबोचा। पूछताछ के दौरान उग्रवादी ने बुढ़मू थाना क्षेत्र स्थित ईंट भट्ठा पर हुई फायरिंग सहित कई हिंसक वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
पुलिस ने विक्रम राम की निशानदेही पर बुढ़मू के छापर गांव स्थित एक अर्धनिर्मित मकान से एक 9 एमएम पिस्टल, एक मैग्जीन, सात जिंदा कारतूस, दो राउटर और मोबाइल फोन बरामद किया है। पकड़े गए उग्रवादी ने बताया कि वह पिछले 15 वर्षों से संगठन से जुड़ा है और बुढ़मू, ठाकुरगांव, खलारी, कांके और पिपरवार सहित रांची व चतरा जिले के कई थाना क्षेत्रों में सक्रिय था।
जांच में यह बात सामने आई है कि वह संगठन के लिए जमीन कारोबारियों, ठेकेदारों, ईंट भट्ठा मालिकों और कोयला व्यवसायियों को फोन पर धमकी देकर लेवी (रंगदारी) की मांग करता था। रंगदारी नहीं देने पर वह अपने दस्ते के साथ मिलकर फौजी कार्रवाई के नाम पर गोलीबारी और आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देता था।
42 वर्षीय विक्रम उर्फ अरविंद का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। उसके खिलाफ रांची के विभिन्न थानों में 25 से अधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें मुख्य रूप से आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि उसके दस्ते के कई सदस्य पहले ही पकड़े जा चुके हैं और शेष सदस्यों के साथ-साथ उग्रवादियों की मदद करने वाले असामाजिक तत्वों की भी पहचान कर ली गई है, जिनके खिलाफ जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस सफल अभियान में बुढ़मू और ठाकुरगांव के थाना प्रभारी सहित तकनीकी शाखा के सदस्य भी शामिल थे।
--आईएएनएस
