Women Reservation Bill India : देश को विकसित बनाने में महिलाओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण: रक्षा निखिल खडसे

महिला आरक्षण विधेयक से राजनीति में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी: रक्षा निखिल खडसे
देश को विकसित बनाने में महिलाओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण: रक्षा निखिल खडसे

नई दिल्ली: केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्रालय में राज्यमंत्री रक्षा निखिल खडसे ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। देश को विकसित बनाने में कोई क्षेत्र पीछे न रह जाए, इसलिए पीएम मोदी और भारत सरकार सभी क्षेत्रों में काम कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश में 50 प्रतिशत महिलाएं मतदान करती हैं। ऐसे में महिलाओं का भी अधिकार है कि विधानसभा और लोकसभा के माध्यम से महिलाएं सभी निर्णय प्रक्रिया में शामिल हों। पॉलिसी मेकिंग में महिलाओं का निर्णय काफी अहम भूमिका निभा सकता है, इसलिए यह विधेयक काफी अहम है। महिलाओं को सक्षम और आगे बढ़ाने के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण मिलना काफी बड़ी उपलब्धि होगी। देश को विकसित बनाने के लिए महिलाओं की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहेगी।

जमीनी स्तर पर महिला आरक्षण विधेयक के प्रभाव को लेकर उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर यह काफी कारगर साबित होगी क्योंकि जितने भी स्थानीय निकाय हैं, वहां 50 प्रतिशत आरक्षण है। पंचायत से लेकर जिला पंचायत और नगर निगम ज्यादातर जगहों पर 50 प्रतिशत आरक्षण के तहत सभी महिलाएं सक्षम तरीके से काम कर रही हैं। इन महिलाओं को आगे लाने के लिए और इनके माध्यम से देश को आगे बढ़ाने के लिए यही मौका है। पीएम मोदी की ओर से सही प्रावधान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 50 प्रतिशत आरक्षण के माध्यम से नगर पंचायत और नगर निगम तक महिलाएं पहुंची हैं। अगर उनको विधानसभा और लोकसभा में मौका मिलेगा तो निश्चित रूप से उनके माध्यम से एक अच्छा नेतृत्व मिल सकता है।

विपक्ष की ओर से इसके लागू होने में देरी को लेकर सवाल उठाने पर रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि ये लॉन्ग टर्म प्रॉमिस नहीं रहेगा। पहले भी बताया गया है कि 2029 के चुनाव में लागू हो जाएगा। आने वाले चुनावों में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तरह महिलाओं को विधानसभा और लोकसभा में प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा।

विपक्ष की ओर से जातिगत जनगणना को लेकर सवाल उठाए जाने पर रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि विपक्ष का काम है, विरोध करना। सरकार पूरी तरह से विचार-विमर्श करके ही निर्णय कर रही है। आरक्षण लागू होना जरूरी है, परिसीमन के बाद 2029 में इसको लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम लागू होने के बाद महिलाओं की संख्या बढ़ जाएगी। क्योंकि मौजूदा वक्त में महिलाओं की भागीदारी काफी कम है। मैं तीसरी बार लोकसभा में सांसद हूं और मंत्री हूं।

उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत से मेरी शुरुआत हुई है। मैं सरपंच थी, इसके बाद जिला पंचायत और फिर लोकसभा तक पहुंची हूं। जब हमारी संख्या बढ़ेगी तो हम सक्षम तरीके से अपनी बात रख पाएंगे और उसे आगे ले जाने में सफलता मिलेगी। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का सभी पार्टियों का सपोर्ट जरूरी है। क्योंकि किसी एक पार्टी के लिए यह अधिनियम लागू नहीं किया जा रहा है, बल्कि देश की सभी महिलाओं के लिए यह विधेयक लाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में महिला मुख्यमंत्री हैं, उनकी तरफ से पूरी कोशिश की जा रही है कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। महिलाओं की समस्या पर महिला मुख्यमंत्री काम करती हैं। उन्होंने कहा कि देश के कई क्षेत्रों में बेटियों को आज भी नहीं पढ़ाया जाता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को महिलाएं नहीं बता पातीं, लेकिन काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। महिला सांसद उनकी परेशानयों को भी आसानी से बता पाएंगी।

उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं भी नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से विधानसभा और लोकसभा जाने का सपना देख सकती हैं।

--आईएएनएस

 

 

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