पटना: जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने पश्चिम बंगाल चुनाव, राहुल गांधी के बयान और व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी पर प्रतिक्रिया दी। इस दौरान राजीव रंजन ने कहा कि इंडी गठबंधन हर चुनाव में बेनकाब हो रही है।
राहुल गांधी ने कांग्रेस के कार्यकर्ता देबदीप चटर्जी की हत्या के लिए टीएमसी के 'गुंडाराज' को दोषी ठहराया था। उन्होंने एक्स पोस्ट पर लिखा, "वोट के बाद विरोधी आवाज़ों को डराना, मारना, मिटाना- यही टीएमसी का चरित्र बन चुका है। कांग्रेस की राजनीति कभी हिंसा पर नहीं टिकी, और न कभी टिकेगी। हमने भी अपने कार्यकर्ता खोए हैं, फिर भी हमने हमेशा अहिंसा और संविधान का रास्ता चुना है। यही हमारी विरासत है, यही हमारा संकल्प।”
राहुल गांधी के इस बयान पर राजीव रंजन ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "इंडी गठबंधन की यह तथाकथित एकता हर चुनाव में परत दर परत उजागर हो रही है। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी के साथ बड़ी संख्या में प्रतिबद्ध मतदाता हैं, जो भाजपा के पक्ष में परिणाम सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता से मतदान कर रहे हैं। दूसरी ओर, अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच वोटों का महत्वपूर्ण विभाजन स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि टीएमसी पहले से ही कमजोर स्थिति में थी। कांग्रेस द्वारा किए गए बड़े झटके के कारण, टीएमसी अब तक की अपनी सबसे बड़ी हार की ओर बढ़ती दिख रही है।"
राजीव रंजन ने कहा, "ममता बनर्जी के गुस्से भरे बयान से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के गुंडों के साथ कथित सांठगांठ का अंदाजा लगाया जा सकता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मतदाताओं को आश्वासन दिया है कि टीएमसी के अच्छे दिन खत्म हो चुके हैं और ऐसे तत्वों को सावधान रहना चाहिए। ऐसे में वह इस चेतावनी पर कानूनी कार्रवाई की धमकी क्यों दे रही हैं? अगर वह पश्चिम बंगाल में अराजकता और अपराध बढ़ाने वाले तत्वों को बचाने की कोशिश कर रही हैं, तो उनकी बची-खुची विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।"
व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर में हुई गोलीबारी पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा, "इससे कहीं न कहीं अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के दावों पर बड़ा सवालिया निशान लग जाता है। व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान अज्ञात हमलावरों द्वारा किया गया यह हमला चिंताजनक है। यह एक अलग बात है कि सुरक्षाबलों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए डोनाल्ड ट्रंप, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वैंस को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। लेकिन सवाल यह है कि अगर किसी राष्ट्राध्यक्ष, खासकर अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के राष्ट्राध्यक्ष पर इस तरह के हमले हो सकते हैं, तो यह निःसंदेह गंभीर चिंता का विषय है।"
--आईएएनएस
