जयपुर: राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने गुरुवार को पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित ‘प्रवासी राजस्थानी मीट’ टूरिज्म सेक्टर प्री-समिट कार्यक्रम में शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में राज्य के टूरिज्म सेक्टर को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में होमस्टे सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और सरकार इसे मजबूत बनाने के लिए कई नई पहल कर रही है।
राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने कहा कि होमस्टे सेक्टर बहुत जरूरी है। अब लोग टूरिस्ट के लिए अपने घर खोल रहे हैं। टूरिज्म डिपार्टमेंट ने होमस्टे चलाने वालों को बढ़ावा देने के लिए कई इंसेंटिव और स्कीम भी दी हैं।
दीया कुमारी के मुताबिक, इससे न केवल स्थानीय समुदाय को रोजगार मिल रहा है, बल्कि पर्यटकों को राजस्थान की संस्कृति को बहुत करीब से देखने का अवसर भी मिलता है।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्थान में एडवेंचर टूरिज्म की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। रेगिस्तानी इलाकों में बंजी जंपिंग जैसी एक्टिविटी शुरू की जा सकती है, जैसा कि दुबई और सऊदी अरब में सफल मॉडल मौजूद हैं।
उन्होंने कहा, "हम राजस्थान में एडवेंचर टूरिज्म को बढ़ाने के लिए एक बड़ा प्लान तैयार कर रहे हैं। इसके तहत रेगिस्तान क्षेत्रों में नए टूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की योजना भी शामिल है।"
दीया कुमारी ने कहा कि राजस्थान टूरिज्म की कोई कमी नहीं है। प्रदेश में पांच सैंक्चुअरी और कई टाइगर हब के साथ समृद्ध वाइल्डलाइफ टूरिज्म मौजूद है। उन्होंने बताया कि रूरल टूरिज्म के क्षेत्र में भी राजस्थान के पास अपार संभावनाएं हैं। यहां अनगिनत गांव और छोटे शहर हैं जो अभी तक अनदेखे हैं। चाहे देव माली हो या बाड़मेर, यहां की परंपराएं, रीति-रिवाज, कपड़े और खाना अनूठे और दिलचस्प हैं। अब हमारे लिए आगे बढ़ने का समय है।
उन्होंने कहा कि टूरिज्म डिपार्टमेंट सभी संभावनाओं का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पूरी सक्रियता से काम कर रहा है।
--आईएएनएस
