जोधपुर: राजस्थान में इन दिनों एसआई भर्ती परीक्षा (2021) रद्द किए जाने के बाद सियासी हलचल मची हुई है। शनिवार को जोधपुर पहुंचे कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कुछ अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने दावा किया कि फिलहाल सरकार इस फैसले का गहन अध्ययन कर रही है और इसके आधार पर ही आगे कोई कदम उठाया जाएगा।
मीडिया से बातचीत में कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा, "न्यायालय का निर्णय सर्वमान्य है। अभ्यर्थियों ने अपना पक्ष रखा, और अब हम कोर्ट के फैसले का गहन अध्ययन कर रहे हैं। 200 पेज के कोर्ट के फैसले में कई ऑब्जर्वेशन हैं। विधि के अनुसार पुनर्परीक्षण होगा और उसी आधार पर आरपीएससी को सिफारिश भेजी जाएगी।"
उन्होंने एसआई भर्ती रद्द होने और सैलरी वापसी के सवाल पर कहा, "न्यायालय ने भर्ती को पूरी तरह रद्द नहीं किया है। कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया है कि वह इस मामले की पूरी रिपोर्ट तैयार कर राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) को भेजे। विधि विभाग और महाधिवक्ता इस मामले की गहन जांच कर रहे हैं। जांच और परीक्षण के बाद ही अगला कदम उठाया जाएगा।"
भर्ती प्रक्रिया में हुए 200 करोड़ रुपए के खर्च की वसूली और आरपीएससी की भूमिका पर किए सवाल पर पटेल ने कहा, "इस राशि की जिम्मेदारी का निर्धारण विधि परीक्षण के बाद ही होगा। आरपीएससी एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है। कोर्ट के ऑब्जर्वेशन के आधार पर अगर आरपीएससी की संलिप्तता पाई गई, तो यह गंभीर मामला है।"
उन्होंने पूर्व की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "उन्हें यह विचार करना चाहिए कि नियुक्तियां देते समय बेरोजगार नौजवानों के हितों का कितना ध्यान रखा गया। समुद्र में बड़े मगरमच्छ और मछलियां हैं। जांच सही दिशा में जा रही है, जल्द सब सामने आएगा। इस मामले में हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई और जांच के आधार पर सरकार अगले कदम उठाएगी। जांच सही दिशा में चल रही है।"