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भारत और फ्रांस के बीच 63,000 करोड़ रुपए की राफेल मरीन फाइटर जेट डील के बाद डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी

भारत-फ्रांस राफेल डील से डिफेंस शेयरों में 4.5% उछाल, नौसेना की ताकत में बढ़ोतरी
Rafale Marine Dea

नई दिल्ली: भारत और फ्रांस के बीच 63,000 करोड़ रुपए की राफेल मरीन फाइटर जेट डील के बाद सोमवार को डिफेंस सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इस सौदे की घोषणा होते ही निफ्टी डिफेंस इंडेक्स 4.5 प्रतिशत उछलकर बंद हुआ, जो 15 अप्रैल के बाद एक दिन में सबसे बड़ी तेजी रही। डिफेंस इंडेक्स में शामिल 18 में से 17 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। पारस डिफेंस एंड स्पेस टेक्नोलॉजीज का शेयर सबसे ज्यादा 9.27 प्रतिशत बढ़ा और 1,142 रुपए पर बंद हुआ। गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स का शेयर 8.11 प्रतिशत चढ़कर 1,747.90 रुपए पर पहुंच गया।

इसके अलावा डेटा पैटर्न्स (इंडिया) का शेयर 7.17 प्रतिशत, कोचीन शिपयार्ड का 6.12 प्रतिशत और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) का शेयर 5.5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल), भारत डायनेमिक्स और सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया के शेयरों में भी अच्छी बढ़त दर्ज की गई।

फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन कंपनी से खरीदे जा रहे 26 राफेल मरीन जेट विमानों की डिलीवरी अगले 37 से 65 महीनों के भीतर शुरू होगी। इन जेट विमानों को भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य पर तैनात किया जाएगा, जिससे हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की समुद्री ताकत काफी मजबूत होगी। राफेल मरीन फाइटर जेट विशेष रूप से एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरने और कठिन समुद्री परिस्थितियों में काम करने के लिए डिजाइन किए गए हैं, जो भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल क्षमताओं में बड़ा इजाफा करेंगे।