चंडीगढ़: पंजाब भारतीय जनता पार्टी के नेता काका कंबोज ने बुधवार को जलालाबाद में घटी एक संवेदनशील और चिंताजनक घटना की सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार और फाजिल्का से उसके विधायक पर तीखे सवाल उठाए।
उन्होंने बताया कि जलालाबाद की एक महिला अपने परिवार के साथ कानूनी रूप से एक संपत्ति खरीदने की प्रक्रिया में थी।
इस संबंध में, उन्होंने डीपीएस स्कूल के लिए लगभग 1.25 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपए का अग्रिम भुगतान किया था और सभी आवश्यक दस्तावेज भी मौजूद थे।
भाजपा के फाजिल्का अध्यक्ष काका कंबोज की उपस्थिति में, परिवार ने आरोप लगाया कि जैसे ही यह मामला विधायक गोल्डी कंबोज तक पहुंचा, उन्हें धमकी भरे फोन आने लगे, गाली-गलौज की जाने लगी और अग्रिम भुगतान वापस लेने के लिए दबाव डाला जाने लगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक के संरक्षण में डीपीएस स्कूल के मालिकों के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई और उन्हें कथित तौर पर उनके घरों से उठाकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया। बाद में राजनीतिक दबाव के कारण उन्हें रिहा कर दिया गया।
इसके अलावा, जब परिवार ने अपनी रकम वापस मांगी, तो उन्हें केवल आधी राशि की पेशकश की गई और उन्हें आगे झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई।
भाजपा नेता कंबोज ने बताया कि पुलिस द्वारा घरों में घुसकर परिवार को धमकाने की कथित घटनाएं सामने आई हैं। सरकारी नौकरी में कार्यरत परिवार के सदस्यों पर भी इस्तीफा देने का दबाव डाला जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि इस वजह से परिवार गहरे अवसाद में डूब गया है और यहां तक कि आत्महत्या के विचार भी आने लगे हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
काका कंबोज ने बताया कि स्कूल को 2010 में कानूनी रूप से बेचा गया था और पिछले 13 वर्षों से इस पर कोई विवाद नहीं था। सभी दस्तावेज, पावर ऑफ अटॉर्नी और भुगतान के प्रमाण उपलब्ध हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक हस्तक्षेप के माध्यम से संपत्ति हड़पने के प्रयास में इस मुद्दे को जबरन पुनर्जीवित किया जा रहा है।
भाजपा ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच पंजाब पुलिस से बाहर निकालकर सीबीआई को सौंपी जाए ताकि निष्पक्ष और तटस्थ जांच सुनिश्चित हो सके।
काका कंबोज ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री भगवंत मान वास्तव में ईमानदार हैं, तो उन्हें इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए और सच्चाई सामने लानी चाहिए।
--आईएएनएस
