महासमुंद, 3 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में गर्भवती और धात्री महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। योजना के तहत महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान बेहतर पोषण, नियमित स्वास्थ्य जांच और सुरक्षित मातृत्व के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इससे जिले की हजारों माताओं और नवजात शिशुओं को लाभ मिला है।
योजना के तहत प्रथम संतान के जन्म पर पात्र महिलाओं को गर्भधारण से लेकर शिशु के जन्म के बाद निर्धारित टीकाकरण पूरा होने तक दो किस्तों में कुल 5,000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है। वहीं, दूसरी संतान के रूप में कन्या जन्म लेने पर 6,000 रुपए की अतिरिक्त एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है। योजना का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना, सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देना और मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है।
महासमुंद जिले में वर्ष 2022-23 से अब तक कुल 27,053 गर्भवती महिलाओं को योजना का लाभ मिला है। इनमें 14,423 महिलाओं को पहली किस्त के रूप में 4.32 करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान की गई, ताकि वे गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक आहार और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ ले सकें।
इसके अलावा 8,211 महिलाओं को प्रसव के बाद नवजात शिशु का निर्धारित टीकाकरण पूर्ण होने पर दूसरी किस्त के रूप में 1.64 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता राशि दी गई है। वहीं, दूसरी संतान के रूप में पुत्री जन्म लेने पर 4,420 माताओं को 2.65 करोड़ रुपए से अधिक की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है।
योजना से लाभान्वित महिलाओं ने बताया कि प्राप्त राशि से उन्हें गर्भावस्था के दौरान पौष्टिक भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था करने में मदद मिली। कई महिलाओं ने इस राशि का उपयोग अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करने के लिए भी किया है।
लाभार्थी महिला ने कहा कि जो भी राशि हमें मिली, हमने उसका उपयोग अपने लिए और अपने बच्चे के लिए किया है। इससे हमें सहायता मिली। सरकार की ये योजना बहुत अच्छी है।
जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा योजना का लाभ प्रत्येक पात्र महिला तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और समय पर सहायता राशि वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ-साथ संस्थागत प्रसव, समय पर स्वास्थ्य जांच और नवजात शिशुओं के पूर्ण टीकाकरण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि जिले में 2022 - 23 से अब तक 27053 महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है। ये राशि बहुत जरूरी है, क्योंकि इससे महिलाएं स्वावलंबी बनती है और इसके साथ ही बच्चों के कुपोषण को लेकर सरकार की जो लड़ाई है, उसमें भी सहायता मिलती है।
जिले में योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार दर्ज किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि यह योजना स्वस्थ मां और स्वस्थ शिशु निर्माण के साथ-साथ बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित कर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का भी माध्यम बन रही है।
--आईएएनएस
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