नई दिल्ली, 5 जून (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर पेपर लीक के मामलों में ढुलमुल रवैया अपनाने का गंभीर आरोप लगाते हुए देश की जनता से सड़कों पर उतरने का आह्वान किया है। केजरीवाल ने कहा कि पेपर लीक अरबों-खरबों का धंधा बन चुका है, जिसमें बहुत बड़े लोग शामिल हैं।
उन्होंने जनता से एकजुट होकर मांग करने को कहा – ''बस, अब और नहीं सहेंगे।''
शुक्रवार को सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में केजरीवाल ने कहा, ''हर दो-तीन साल में पेपर लीक हो रहे हैं। यह धंधा बंद क्यों नहीं हो रहा? जब तक आप सब लोग सड़कों पर उतरकर सरकार को मजबूर नहीं करोगे, यह धंधा नहीं रुकेगा।''
उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में चार साल से आप की सरकार है, वहां एक भी पेपर लीक नहीं हुआ। दिल्ली में 10 साल सरकार चलाने के दौरान भी कोई गड़बड़ी नहीं हुई, जबकि केंद्र सरकार के हर पेपर में गड़बड़ी हो रही है। केजरीवाल ने इसे ''नियत का सवाल'' बताया।
केजरीवाल ने दो उदाहरण देते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। पहला, सीबीएसई के पेपर में ओएसएम कंपनी को ठेका देना, जिसे तेलंगाना में गड़बड़ियों के चलते ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था।
उन्होंने कहा, ''उस कंपनी की गड़बड़ियों से तेलंगाना में 20 से अधिक बच्चों ने सुसाइड किया, फिर भी केंद्र सरकार ने उसे पूरे देश का ठेका दे दिया।''
दूसरा उदाहरण नीट परीक्षा का देते हुए उन्होंने कहा कि पेपर सेटिंग के दौरान लीक हो रहा है, और सरकार हवाई जहाज से ट्रांसपोर्ट करने की बात कर रही है, जो बेहद हास्यास्पद है।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि न तो कंपनी के खिलाफ एफआईआर हुई, न कोई गिरफ्तारी हुई। बस एक कमेटी बनाकर सीबीएसई चेयरमैन को हटाकर दूसरे विभाग में तैनात कर दिया गया। उन्होंने कहा, ''इनकी नीयत खराब है। अगले साल फिर पेपर लीक करके अरबों-खरबों कमाने हैं। जब तक लोग सड़कों पर नहीं उतरेंगे, सिस्टम नहीं बदलेगा। आप सबको मिलकर आवाज उठानी होगी और सरकार को मजबूर करना होगा।''