नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बुधवार को केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा का नया अध्यक्ष नियुक्त किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने इसे पार्टी के लिए एक खुशी का अवसर बताया और विश्वास जताया कि इससे राज्य में भाजपा की मौजूदगी को और मजबूती मिलेगी।
ढिल्लों के पदभार संभालने पर बिट्टू ने कहा कि यह संगठनात्मक बदलाव पंजाब में पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है।
उन्होंने कहा कि आज भाजपा और पंजाब के लिए बहुत खुशी का मौका है। पार्टी ने यह जिम्मेदारी दी है और चूंकि प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर सेवा दे रहे जाखड़ साहब का कार्यकाल पूरा हो गया है, इसलिए मालवा क्षेत्र से आने वाले सरदार केवल सिंह ढिल्लों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
राज्य में पार्टी की चुनावी आकांक्षाओं पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि कमल हमारा निशान है। कमल पहले से ही खिला हुआ है; अब इसे पंजाब में भी खिलना है।
ढिल्लों की नियुक्ति को आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले एक रणनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है, जिसके जरिए भाजपा का लक्ष्य इस क्षेत्र में अपना जनाधार बढ़ाना है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, केवल सिंह ढिल्लों का चयन गहन आंतरिक विचार-विमर्श के बाद किया गया, जिसमें तीन प्रमुख दावेदार दौड़ में थे। इनमें पंजाब भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और विधायक अश्विनी शर्मा भी शामिल थे, जिन्हें राज्य में पार्टी का एक प्रमुख हिंदू चेहरा माना जाता है।
कई सालों तक पंजाब में भाजपा की कमान हिंदू नेताओं के हाथ में थी, लेकिन चुनावों से पहले पार्टी ने एक जाट सिख चेहरे को आगे करके अपनी अपील का दायरा बढ़ाने की कोशिश की है। ढिल्लों की नियुक्ति को इसी संदर्भ में देखा जा रहा है।
खास बात यह है कि जहां दया सिंह सोढ़ी 1997 में पंजाब भाजपा के अध्यक्ष रह चुके हैं। वहीं, ढिल्लों पार्टी की मौजूदा संगठनात्मक संरचना में इस पद पर नियुक्त होने वाले पहले जाट सिख बन गए हैं।
पंजाब में अच्छी-खासी राजनीतिक साख रखने वाले कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के नामों पर भी इस पद के लिए विचार किया गया था। हालांकि, पार्टी आलाकमान ने आखिरकार केवल सिंह ढिल्लों के नाम पर मुहर लगा दी, जो चुनावी जंग से पहले पार्टी की राज्य नेतृत्व रणनीति में एक अहम बदलाव का संकेत है।