गांधीनगर, 4 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर गुजरात में सूरत की यात्रा करेंगे। इस यात्रा के दौरान वह सूरत से गुजरात सरकार के ऊर्जा एवं पेट्रोकेमिकल्स विभाग के और पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के 4950.39 करोड़ रुपए की लागत वाले चार विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे।
पीएम मोदी गुजरात में ट्रांसमिशन नेटवर्क एक्सपांशन प्रोजेक्ट का लोकार्पण करेंगे, जिसके माध्यम से गुजरात से महाराष्ट्र तक उच्च क्षमता वाला विद्युत प्रवाह पहुंचाना संभव होगा। पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा सूरत तथा नवसारी जिलों में 4,546 करोड़ रुपए की लागत से क्रियान्वित किया गया यह प्रोजेक्ट राज्य के ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत बनाएगा और इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (आईएसटीएस) पार्ट बी से अवेलेबल ट्रांसमिशन कैपेसिटी (एटीसी) यानी उपलब्ध ट्रांसमिशन क्षमता को बढ़ाकर पावर ट्रांसफर की क्षमता में सुधार करेगा।
ट्रांसमिशन नेटवर्क एक्सपांशन प्रोजेक्ट में नवसारी में डिजिटल सबस्टेशन, नवसारी से महाराष्ट्र के पडघे तक की 765 केवी डी/सी ट्रांसमिशन लाइन तथा नवसारी से मगरवाडा और काला तक की 400 केवी डी/सी ट्रांसमिशन लाइन शामिल है। इससे खावडा क्षेत्र से रिन्यूएबल एनर्जी को कार्यक्षम रूप से बाहर ले जाया जा सकेगा तथा नवसारी होकर पडघे तक उसका सरल ट्रांसमिशन संभव बनेगा, जो गुजरात एवं महाराष्ट्र के बीच विश्वसनीय उच्च क्षमता वाले विद्युत प्रवाह को सुनिश्चित करेगा।
यह प्रोजेक्ट इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम (आईएसटीएस) तथा खावडा रिन्यूएबल एनर्जी इवैक्युएशन स्कीम्स से पावर ट्रांसफर के लिए उपलब्ध ट्रांसमिशन क्षमता में वृद्धि कर ट्रांसमिशन नेटवर्क को और अधिक मजबूत बनाता है। नवसारी (नवुं) में विश्व के सबसे बड़े डिजिटल सबस्टेशन की शुरुआत भारत के पावर ट्रांसमिशन क्षेत्र में एक प्रमुख मील का पत्थर सिद्ध होगी और नेशनल ट्रांसमिशन नेटवर्क में प्रमुख केंद्र के रूप में गुजरात की स्थिति को और मजबूत बनाएगी।
प्रधानमंत्री के करकमलों से जिन प्रमुख प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया जाएगा, उनमें वलसाड जिले में बिजली घाटा कम करने के उद्देश्य से किए जाने वाले डिस्ट्रीब्यूशन इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्य शामिल हैं। यह डिजाइन, सप्लाई, इन्स्टॉलेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग के लिए एक फुल टर्नकी कॉण्ट्रैक्ट है, जिसे 324.19 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।
दक्षिण गुजरात वीज (विद्युत) कंपनी लिमिटेड (डीजीवीसीएल) द्वारा रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के अंतर्गत लागू किए गए इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य विद्युत वितरण नेटवर्क को अधिक मजबूत बनाना, कार्यक्षमता में वृद्धि करना तथा उपभोक्ताओं को विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इन कार्यों में एबी केबलिंग, नए ट्रांसफॉर्मर लगाना, ट्रांसफॉर्मरों की क्षमता बढ़ाना, पुराने कंडक्टरों को रीकंडक्ट करना और फीडर बाइफरकेशन शामिल हैं, जो वितरण व्यवस्था को मजबूत बनाएंगे।
इस प्रोजेक्ट के परिणामस्वरूप विद्युत विक्षेपों तथा लो-वोल्टेज की समस्याओं में कमी आएगी। साथ ही, कंडक्टर टूटने की घटनाओं, ट्रांसफॉर्मर ओवरलोडिंग तथा मौसम के कारण होने वाले विद्युत आपूर्ति विक्षेपों में भी कमी होगी। इससे सार्वजनिक सुरक्षा में वृद्धि होने के साथ-साथ ट्रांसफॉर्मरों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी तथा फीडर स्तर पर बिजली घाटे में कमी आएगी। इस प्रोजेक्ट से वलसाड जिले के लगभग 5,98,028 लोगों को लाभ होगा।
इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री सूरत जिले की चोर्यासी तहसील में 48.20 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 66 केवी वणकला–ओखा सबस्टेशन का लोकार्पण करेंगे। इस सबस्टेशन से आसपास के क्षेत्र के लगभग 23,357 विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। वलसाड जिले की धरमपुर तहसील में 32 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 66 केवी धामणी सबस्टेशन का भी लोकार्पण किया जाएगा। इस सबस्टेशन से 8 किलोमीटर के क्षेत्र अंतर्गत स्थित 13 गांवों के लगभग 5,064 विद्युत उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। इन प्रोजेक्ट्स से दक्षिण गुजरात का विद्युत ढांचा और अधिक मजबूत होगा तथा क्षेत्र में अधिक गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
--आईएएनएस
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