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Operation Sindoor Debate: 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा और पहले होनी चाहिए थी : पृथ्वीराज चव्हाण

चव्हाण बोले- ऑपरेशन सिंदूर पर पहले चर्चा होती तो पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा का जवाब मिलता।
'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा और पहले होनी चाहिए थी : पृथ्वीराज चव्हाण

मुंबई:  संसद के मानसून सत्र में 'ऑपरेशन सिंदूर' पर चर्चा चल रही है। कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने बुधवार को कहा कि ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा और पहले होनी चाहिए थी।

कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा, "ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा और पहले होनी चाहिए थी, कांग्रेस पार्टी और विपक्ष ने इसकी मांग की थी। ऐसे में हमारे पास मौका होता कि संसद में सर्वदलीय प्रस्ताव लाकर बताते कि हम सरकार और सशस्त्र बलों के साथ खड़े हैं। इससे यह हुआ कि पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा और मीडिया में जो खबरें आ रही थीं, हम उनका खंडन नहीं कर पाए। सरकार हमेशा कहती रही कि हम बाद में बताएंगे। कुछ लड़ाकू विमान गिरे, लेकिन कम गिरे। ऐसे में वे क्यों डर रहे थे?"

उन्होंने कहा, "युद्ध में सबसे बड़ी बात सच्चाई की होती है। सभी को याद होगा कि यूक्रेन-रूस युद्ध में यूक्रेन ने ड्रोन हमला करके रूस के बड़े-बड़े विमानों को नुकसान पहुंचाया, लेकिन रूस ने चुप्पी नहीं साधी, उन्होंने वीडियो दिखाकर अपनी गलती मानी। अगर सच्चाई बताई जाएगी तो लोगों का विश्वास ज्यादा बढ़ेगा।"

उन्होंने कहा, "मीडिया में दिखाया जा रहा था कि हमने कराची और इस्लामाबाद पर कब्जा कर लिया, आसिम मुनीर को गिरफ्तार कर लिया। ऐसी खबरें नेशनल मीडिया पर चल रही थीं और पीएम मोदी खुशी मना रहे थे। क्या उन्होंने मीडिया पर कोई कार्रवाई की?"

कांग्रेस नेता ने कहा, "भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के मुंबई हमले के आरोपी अजमल कसाब को बिरयानी खिलाने वाले बयान पर उन्होंने कहा, कसाब को फांसी किसने दी? जहां तक बिरयानी की बात है, जब पीएम मोदी बिन बुलाए मेहमान के तौर पर पाकिस्तान जाते हैं, तो उस समय बिरयानी खाना ठीक था। बेकार की बातें उठाकर जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए।"