नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। दिल्ली की दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने मई महीने में लापता और अपहृत 124 लोगों को उनके परिवारों से वापस मिलाया है। लापता और अपहृत व्यक्तियों की रिपोर्ट मिलने पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने यह सफलता हासिल की है। इस तरह इस साल 31 मई तक दिल्ली पुलिस ने कुल 673 लोगों को परिवारों से मिलाया है।
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बुधवार को जानकारी दी कि स्थानीय लोगों पूछताछ के साथ-साथ सीसीटीवी फुटेज की जांच करने और ऑटो स्टैंड, ई-रिक्शा स्टैंड, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर लापता या अपहृत व्यक्तियों की तस्वीरें लगाने जैसे प्रयासों ने इसमें अहम भूमिका निभाई। लापता और अपहृत व्यक्तियों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए बस ड्राइवरों, कंडक्टरों और विक्रेताओं से भी पूछताछ की गई। तलाशी अभियानों के दौरान स्थानीय मुखबिरों की मदद भी ली गई। इसके अलावा, आस-पास के पुलिस स्टेशनों और अस्पतालों के रिकॉर्ड की भी अच्छी तरह से जांच की गई।
अधिकारियों ने बताया कि इन तेज और समन्वित प्रयासों के परिणामस्वरूप दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस एक मई से 31 मई के बीच 124 लापता व्यक्तियों, जिनमें 33 बच्चे और 91 वयस्क थे, का पता लगाने में सफल रही। पुलिस टीमों ने 'ऑपरेशन मिलाप' के तहत इन व्यक्तियों का पता लगाने और उन्हें सुरक्षित रूप से उनके परिवारों से मिलाने में समर्पण और पेशेवर रवैया दिखाया।
दिल्ली के वसंत विहार, आरके पुरम, साउथ कैंपस, वसंत कुंज नॉर्थ, वसंत कुंज साउथ, कापसहेड़ा, पालम गांव, सागरपुर, दिल्ली कैंट, सरोजिनी नगर, एसजे एन्क्लेव और किशनगढ़ थाना क्षेत्रों के अंतर्गत लापता या अपहृत लोगों को ढूंढने में पुलिस सफल हुई है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि टीमें एक जनवरी से 31 मई के दौरान चलाए गए ऑपरेशन्स में ऐसे कई लापता व्यक्तियों और अगवा हुए या लापता बच्चों का पता लगाने में भी सफल रहीं, जो पिछले वर्षों में लापता हो गए थे।
अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण-पश्चिम जिला पुलिस ने 2017 से लापता एक व्यक्ति को भी ढूंढ निकाला है। इसके अलावा, 2018 में 5 व्यक्ति, 2021 में एक व्यक्ति, 2023 में 18 लोग, 2024 में दो नाबालिग लड़कियां और 2025 में भी दो नाबालिग लड़कियां लापता या अपहृत थीं। पिछले 5 महीने में चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस ने इन लोगों को भी बरामद किया है।