ऑनलाइन बेटिंग के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

ऑनलाइन बेटिंग के जरिए करोड़ों की साइबर ठगी का भंडाफोड़, चार आरोपी गिरफ्तार

नोएडा, 4 जून (आईएएनएस)। नोएडा के थाना सेक्टर-113 की पुलिस ने ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट और मोबाइल एप के माध्यम से लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में करीब 2.4 करोड़ रुपए के संदिग्ध ऑनलाइन लेन-देन के साक्ष्य भी मिले हैं।

पुलिस के अनुसार, गुरुवार को मैनुअल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर सेक्टर-79 क्षेत्र में छापेमारी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साई कुमार, पंडाला सतीश, पांडुरंगा और उदयकुमार के रूप में हुई है। सभी आरोपी मूल रूप से दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों के निवासी हैं और वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-79 में रह रहे थे।

जांच में सामने आया है कि आरोपी एक संगठित गैंग के रूप में कार्य कर रहे थे। यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन प्रसारित कर लोगों को ऑनलाइन बेटिंग वेबसाइट वालबुक247.को और संबंधित मोबाइल ऐप से जोड़ता था। इसके बाद लोगों को कम समय में पैसे दोगुने करने और भारी मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाया जाता था। एक बार रकम जमा होने के बाद पीड़ितों को विभिन्न तरीकों से ठगी का शिकार बनाया जाता था।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 26 मोबाइल फोन, 20 सिम कार्ड, 5 एटीएम कार्ड, 2 पैन कार्ड, 3 वाई-फाई राउटर तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। साथ ही 'लक्ष्मी ट्रेडर्स' नामक बैंक खाते के माध्यम से लगभग 2.4 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजेक्शन होने की जानकारी भी सामने आई है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद डिजिटल डाटा का गहन विश्लेषण किया जा रहा है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने देशभर में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इनके नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।

इस मामले में थाना सेक्टर-113 में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का मानना है कि जांच के दौरान इस साइबर ठगी नेटवर्क से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

--आईएएनएस

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