नोएडा: नोएडा में चल रहे श्रमिकों के प्रदर्शन और आंदोलन के बीच अब एक नया मोड़ सामने आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, खासकर व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे ऑडियो मैसेज और चैट ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
इन वायरल संदेशों में दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों को सुनियोजित तरीके से अलग-अलग कंपनियों और स्थानों की जानकारी देकर वहां इकट्ठा होने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। वायरल ऑडियो क्लिप्स के अनुसार, कुछ अज्ञात लोग श्रमिकों को न केवल प्रदर्शन के लिए उकसा रहे थे, बल्कि उन्हें आक्रामक तरीके अपनाने के लिए भी भड़का रहे थे।
इन संदेशों में महिलाओं से अपने साथ मिर्ची पाउडर रखने की बात कही गई, जबकि पुरुष प्रदर्शनकारियों को हाथ में लाठी या डंडे लेकर पहुंचने के निर्देश दिए गए। इससे साफ संकेत मिलते हैं कि आंदोलन को उग्र बनाने की कोशिश की जा रही थी। इतना ही नहीं, एक कथित इंस्टाग्राम चैट भी सामने आई है, जिसमें लोगों से बड़ी संख्या में एकत्रित होने की अपील की गई है।
चैट में यह भी कहा गया है कि जब तक उनकी मांगों पर सुनवाई नहीं होती, तब तक हड़ताल जारी रखी जाए। लाठीचार्ज के बाद भी दोबारा इकट्ठा होने की अपील वाले ऑडियो ने प्रशासन की चिंता और बढ़ा दी है। पुलिस प्रशासन इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच में जुट गया है। वायरल ऑडियो और चैट की सत्यता की जांच की जा रही है, साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इन संदेशों को फैलाने के पीछे कौन लोग हैं और उनका मकसद क्या है।
अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी भी व्यक्ति की भूमिका भड़काऊ गतिविधियों में पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बीच, पुलिस ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी अफवाह या भड़काऊ संदेश पर ध्यान न देने की अपील की है।
प्रशासन का कहना है कि सभी समस्याओं का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जाएगा, इसलिए कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। नोएडा में मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
--आईएएनएस
