पटना: नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है कि राज्य का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा। बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नीतीश कुमार अब राज्यसभा के सदस्य चुने गए हैं और इसके तहत एक निर्धारित प्रक्रिया होती है, जिसके अनुसार उन्हें शपथ लेनी होगी। इसी प्रक्रिया के तहत उन्होंने विधान परिषद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।
रामकृपाल यादव ने आईएएनएस से कहा कि अब आगे क्या होगा, यह आने वाले दिनों में साफ हो जाएगा। उन्होंने बताया कि एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इसके बाद विधायक दल से नए नेता का चयन किया जाएगा और वही व्यक्ति बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेगा।
वहीं, बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने भी इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपने सामाजिक जीवन के इस चरण को अपनी इच्छा से चुना है। उनके नेतृत्व में बिहार ने हमेशा विकास की राह पर आगे बढ़ने का काम किया है। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि आने वाले समय में भी बिहार के विकास के लिए नीतीश कुमार का मार्गदर्शन मिलता रहेगा।
इसी बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सांसद शांभवी चौधरी ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि जब भी कोई युवा राजनीति में आता है, तो वह नए जोश और नई उमंग के साथ आता है। बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इसका फैसला एनडीए का शीर्ष नेतृत्व करेगा।
शांभवी चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार का नया मुख्यमंत्री चाहे जो भी बने, वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, नीतीश कुमार के आशीर्वाद और चिराग पासवान के सहयोग से काम करेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि जिस तेजी से अब तक बिहार का विकास हुआ है, उससे भी तेज गति से आगे विकास कार्य किए जाएंगे।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार की राजनीति एक नए मोड़ पर खड़ी है और अब सभी की नजरें एनडीए विधायक दल की बैठक और नए मुख्यमंत्री के चयन पर टिकी हुई है।
--आईएएनएस
