Nitish Kumar Resignation : नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे पर जदयू प्रवक्ता ने कहा, 'उन जैसा नेता न हुआ, न होगा'

जदयू ने नीतीश कुमार के इस्तीफे पर किया उनकी राजनीतिक दूरदर्शिता का समर्थन।
नीतीश कुमार के एमएलसी पद से इस्तीफे पर जदयू प्रवक्ता ने कहा, 'उन जैसा नेता न हुआ, न होगा'

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद की सदस्यता से सोमवार को इस्तीफा दे दिया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि बिहार में न कोई नीतीश कुमार जैसा दूसरा पैदा हुआ है और न कोई दिखाई पड़ रहा है।

जदयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "राजनीति में वे एक मानक के तौर पर जाने जाएंगे। कोई भी व्यक्ति अपनी कुर्सी एक दिन के लिए नहीं छोड़ता है। नीतीश कुमार ने मांझी को अपनी कुर्सी पर बैठाया। उन्होंने 9 महीने के लिए पद छोड़ा था। सभी ने संकल्प लिया था कि '25 से 30, फिर से नीतीश', लेकिन नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में अपनी मौजूदगी का आश्वासन देकर एमएलसी पद छोड़ा है। मैं दावे के साथ कह सकता हूं कि बिहार में न कोई नीतीश कुमार जैसा दूसरा पैदा हुआ है और न कोई दिखाई पड़ रहा है।"

इसी बीच, उन्होंने प्रशांत किशोर और तेजस्वी यादव पर भी तीखा प्रहार किया। नीरज कुमार ने प्रशांत किशोर को अंतरराज्यीय राजनीतिक अपराधी बताया। उन्होंने कहा, "प्रशांत कुमार ने तेजस्वी यादव की इमरजेंसी लैंडिंग कराई। अब लालटेन युग नहीं है और हजारों करोड़ के मालिक होने के बावजूद आप बिजली की सुविधा और सब्सिडी ले रहे हैं। बिजली की दरों में क्या गड़बड़ी हुई है? क्या आपको अंतर समझ में नहीं आता है या चिंता ने दिमाग को प्रदूषित कर दिया है?"

उन्होंने कहा, "टैरिफ में कोई बदलाव नहीं है। सिर्फ यह निर्णय है कि सुबह की दर अलग रहेगी और शाम की दर अलग होगी। हालांकि, 125 यूनिट बिजली बिल्कुल मुफ्त रहेगी।"

नीरज कुमार ने कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, "भारत की विदेश नीति की दुनियाभर में जाकर आलोचना करना, देश की आर्थिक नीति और आंतरिक हालात की चर्चा बाहर के देशों में जाकर करना, स्वाभाविक है कि कांग्रेस एक नए दौर में आ गई है। अब वह कांग्रेस नहीं रही है, जो जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी की कांग्रेस थी।"

ममता बनर्जी के आरोपों पर जवाब देते हुए नीरज कुमार ने कहा, "वे राज्य की मुख्यमंत्री हैं। अगर वही भयभीत होंगी तो आम जनों का क्या होगा? इंदिरा गांधी ने भी एक बार कहा था कि हमारी जान जा सकती है, लेकिन उसकी चिंता नहीं की। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी और पूरा देश उनके साथ खड़ा रहा। ममता बनर्जी, असल में आपको राजनीति में जान का खतरा है। इस बार आपका माया जाल नहीं चलता है। आपको जनता का साथ नहीं मिल रहा है, इसलिए सहानुभूति बंटोरना चाहती हैं। जनता को आपकी गारंटी पर भी भरोसा नहीं है।"

नीरज कुमार ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने मांस-भाप का मुद्दा अपने बचाव के लिए उछाला है। उन्होंने कहा, "बंगाल में मांस, मछली और अंडा बंद नहीं होगा, बल्कि आपने इस मामले में पश्चिम बंगाल को आत्मनिर्भर नहीं बनाया। ये सवाल राज्य की जनता भी पूछती होगी। इसलिए सिर्फ बचाव का तर्क आपने ढूंढा है।"

--आईएएनएस

 

 

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