नई दिल्ली: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने पुडुचेरी के भाजपा नेता सेंथिल कुमारन हत्याकांड के मुकदमे को प्रभावित करने की कोशिश में छह लोगों के खिलाफ नया केस दर्ज किया है। आरोप है कि इन लोगों ने जेल से बाहर रहकर गवाहों को धमकाने और ट्रायल में बाधा डालने की साजिश रची।
सेंथिल कुमारन की हत्या मार्च 2023 में पुडुचेरी के विलियानूर इलाके में हुई थी। छह बाइक सवार हमलावरों ने उन पर बम और अन्य हथियारों से हमला किया था। शुरू में स्थानीय पुलिस ने मामला दर्ज किया था, लेकिन बाद में जांच एनआईए को सौंपी गई। मुख्य केस में पहले ही चार आरोपियों को चार्जशीट किया जा चुका है।
अब एनआईए ने नई चार्जशीट दाखिल की है, जिसमें नित्यानंदम उर्फ निथी, शिव शंकर, वेंकटेश और एझुमलाई पर पहले से चल रहे आतंकी मामले के अलावा नए आरोप लगाए गए हैं। इन चारों के साथ दो नए नाम सामने आए हैं—हेराम उर्फ टीआर उर्फ कार्थी और उदयकुमार। इन पर आरोप है कि उन्होंने पुडुचेरी की कालापेट सेंट्रल जेल और यनम की स्पेशल जेल से मिलकर गुप्त दस्तावेज हासिल किए। इन दस्तावेजों से उन्होंने गवाहों की पहचान की और उन्हें ट्रायल कोर्ट में गवाही देने से रोकने के लिए धमकाया।
एनआईए की जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी निथी ने जेल से ही इस साजिश को अंजाम दिया। गवाहों में कुछ ‘सुरक्षित गवाह’ भी शामिल थे, जिनकी पहचान छिपाई गई थी। एनआईए ने अदालत से अनुरोध किया था कि निथी को कालापेट जेल से यनम जेल में शिफ्ट किया जाए। उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया। सितंबर 2025 में एनआईए ने जेलों और कुछ बिचौलियों के घरों पर छापेमारी की और कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए।
इस मामले में चार्जशीट बीएनएस, यूए(पी) एक्ट और एनआईए एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल की गई है। एनआईए ने कहा है कि जांच अभी जारी है और लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें इस साजिश के बारे में कोई जानकारी हो तो वह साझा करें। एजेंसी ने वादा किया है कि सूचना देने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।
--आईएएनएस
