नौकरी का झांसा देकर युवाओं को कंबोडिया भेजता था गिरोह, एनआईए ने पांच आरोपियों पर दायर की चार्जशीट

एनआईए ने कंबोडिया मानव तस्करी और साइबर गुलामी मामले में चार्जशीट दाखिल की, पांच आरोपी नामजद और मास्टरमाइंड फरार।
नौकरी का झांसा देकर युवाओं को कंबोडिया भेजता था गिरोह, एनआईए ने पांच आरोपियों पर दायर की चार्जशीट

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने कंबोडिया से जुड़े मानव तस्करी और साइबर गुलामी मामले में बड़ा खुलासा करते हुए पांच आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इस मामले का मास्टरमाइंड आनंद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह अभी भी फरार है।

एनआईए ने शुक्रवार को पटना स्थित विशेष अदालत में यह चार्जशीट दाखिल की। आरोपियों पर विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

चार्जशीट में जिन पांच लोगों के नाम शामिल हैं, उनमें फरार आनंद कुमार सिंह के अलावा अभय नाथ दुबे, अभिरंजन कुमार, रोहित यादव और प्रह्लाद कुमार सिंह शामिल हैं। अभय और रोहित उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जबकि अभिरंजन बिहार का निवासी है। इन तीनों को फरवरी 2026 में कंबोडिया से दिल्ली लौटने के दौरान गिरफ्तार किया गया था। वहीं प्रह्लाद कुमार सिंह फिलहाल जमानत पर बाहर है।

जांच एजेंसी के मुताबिक यह पूरा मामला एक संगठित मानव तस्करी गिरोह से जुड़ा है। आरोपी भारतीय युवाओं को विदेश में अच्छी नौकरी और मोटी सैलरी का लालच देकर कंबोडिया भेजते थे। वहां पहुंचने के बाद युवाओं के पासपोर्ट छीन लिए जाते थे और उन्हें जबरन फर्जी साइबर कंपनियों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था।

एनआईए की जांच में सामने आया कि विरोध करने पर पीड़ितों को मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना दी जाती थी। उन्हें बिजली के झटके दिए जाते थे, कमरे में बंद रखा जाता था और खाना-पानी तक नहीं दिया जाता था।

जांच में यह भी पता चला कि आनंद कुमार सिंह भारत में ट्रैवल एजेंटों और सब-एजेंटों के जरिए युवाओं की भर्ती करता था। इसके बाद कंबोडिया में मौजूद अपने साथियों की मदद से उन्हें अवैध तरीके से वहां भेजा जाता था।

एनआईए के अनुसार, हर युवक को फर्जी कंपनी में बेचने के बदले आनंद कुमार सिंह 2,000 से 3,000 अमेरिकी डॉलर तक वसूलता था। एजेंसी अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।

--आईएएनएस

 

 

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