एनडीए के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड, सेना प्रमुख करेंगे समीक्षा

30 मई को पुणे में एनडीए 150वीं पासिंग आउट परेड, 355 कैडेट्स होंगे पासआउट
एनडीए के 150वें कोर्स की पासिंग आउट परेड, सेना प्रमुख करेंगे समीक्षा

नई दिल्ली: नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) देश की प्रतिष्ठित त्रि-सेवा प्रशिक्षण अकादमी है। यहां एनडीए के 150वें कोर्स की भव्य पासिंग आउट परेड 30 मई को पुणे के खड़कवासला स्थित ऐतिहासिक खेतरपाल परेड ग्राउंड में आयोजित की जाएगी। तीनों सेनाओं की पासिंग आउट परेड वाले इस समारोह की समीक्षा भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी करेंगे।

दरअसल यह अवसर कैडेट्स, उनके अभिभावकों, प्रशिक्षकों और रक्षा बलों के लिए गर्व और भावनाओं से भरा महत्वपूर्ण क्षण होता है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार स्प्रिंग टर्म 2026 की इस परेड में सेना, नौसेना और वायुसेना के लगभग 355 कैडेट्स प्रशिक्षण पूर्ण कर अकादमी से पास आउट होंगे। यह समारोह कैडेट्स के कठोर सैन्य, शैक्षणिक और नेतृत्व प्रशिक्षण के सफल समापन का प्रतीक है। पासिंग आउट परेड से एक दिन पहले यानी 29 मई को पुणे स्थित एनडीए के हबीबुल्लाह हॉल में 150वें कोर्स का दीक्षांत समारोह आयोजित किया जाना है।

रक्षा मंत्रालय का कहना है कि इस मौके पर सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी किरण बेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। वह यहां ग्रेजुएट कैडेट्स को संबोधित करेंगी। गौरतलब है कि एनडीए को देश की सर्वोच्च त्रि-सेवा सैन्य प्रशिक्षण संस्था माना जाता है। यहां कैडेट्स को सैन्य कौशल के साथ-साथ शैक्षणिक, नैतिक और चरित्र निर्माण का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाता है। एनडीए के कमांडेंट वाइस एडमिरल अनिल जग्गी के नेतृत्व में अकादमी देश के भावी सैन्य नेतृत्व को तैयार करने की अपनी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ा रही है।

पासिंग आउट परेड के दौरान शानदार सैन्य मार्च व टुकड़ियों का निरीक्षण एक बड़ा आकर्षण रहेंगे। वहीं पदक एवं पुरस्कार वितरण, सैन्य विमानों और हेलीकॉप्टरों की फ्लाई-पास्ट तथा पारंपरिक ‘अंतिम पग’ इस समारोह का मुख्य आकर्षण होगा। यह भारतीय सेनाओं के कठोर व अनुशासित प्रशिक्षण को दर्शाता है।

गौरतलब है कि भारतीय सेना एक महत्वपूर्ण बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास ‘प्रगति 2026’ भी शुरू किया गया है। भारतीय सेना द्वारा आयोजित यह सैन्य अभ्यास बुधवार को मेघालय के उमरोई मिलिट्री स्टेशन में प्रारंभ हुआ। इस दो सप्ताह लंबे सैन्य अभ्यास में भारत सहित 12 मित्र देशों यानी भूटान, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, मालदीव, म्यांमार, नेपाल, फिलीपींस, सेशेल्स, श्रीलंका और वियतनाम की सैन्य टुकड़ियां हिस्सा ले रही हैं।

दो सप्ताह तक चलने वाला यह सैन्य अभ्यास अर्ध-पहाड़ी और जंगल क्षेत्रों में आतंकवाद-रोधी अभियानों पर केंद्रित है। प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत संयुक्त योजना निर्माण, सामरिक स्तर के अभ्यास और समन्वित अभियान चलाए जाएंगे। ये अभियान इसलिए हैं ताकि भाग विभिन्न देशों के सैनिकों की अनुकूलन क्षमता, सहनशक्ति और सामरिक दक्षता को और बेहतर बनाया जा सके।

--आईएएनएस

जीसीबी/एएस

 

Related posts

Loading...

More from author

Loading...