NCR AQI Update February : एनसीआर में बेहतर हुई हवा, अधिकांश इलाके ऑरेंज और यलो जोन में

तेज हवाओं से प्रदूषण घटा, कई क्षेत्रों में ऑरेंज और येलो श्रेणी
तेज हवाओं का असर: एनसीआर में बेहतर हुई हवा, अधिकांश इलाके ऑरेंज और यलो जोन में

नोएडा: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में बीते 24 घंटों के दौरान चली तेज हवाओं का असर साफ तौर पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) पर दिखाई दे रहा है। प्रदूषण के स्तर में गिरावट दर्ज की गई है और कई इलाके रेड जोन से बाहर निकलकर ऑरेंज और येलो श्रेणी में आ गए हैं।

हालांकि भारतीय मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। गाजियाबाद के विभिन्न मॉनिटरिंग स्टेशनों पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार, इंदिरापुरम में 255, लोनी में 289, संजय नगर में 138 और वसुंधरा में एक्यूआई 258 दर्ज किया गया है।

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि संजय नगर क्षेत्र में वायु गुणवत्ता अपेक्षाकृत बेहतर रही, जबकि लोनी और वसुंधरा अभी भी उच्च स्तर के प्रदूषण से जूझ रहे हैं। नोएडा के सेक्टरों में भी प्रदूषण के स्तर में कमी दर्ज की गई है। जिनमें सेक्टर-125 में 202, सेक्टर-62 में 192, सेक्टर- 1 में 242 और सेक्टर-116 में एक्यूआई 183 दर्ज किया गया है।

दिल्ली में भी कई स्थानों पर एक्यूआई ऑरेंज और यलो श्रेणी में दर्ज किया गया, जिनमें अलीपुर में 194, आनंद विहार में 275, अशोक विहार में 250, आया नगर में 148, बवाना में 234, बुराड़ी क्रॉसिंग में 189, चांदनी चौक में एक्यूआई 252, सीआरआरआई मथुरा रोड में 184, डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में 215 और डीटीयू में एक्यूआई 157 दर्ज किया गया है। आनंद विहार, अशोक विहार और चांदनी चौक जैसे इलाकों में प्रदूषण अभी भी अपेक्षाकृत अधिक है, जबकि आया नगर और अलीपुर जैसे क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता बेहतर श्रेणी में पहुंची है।

आईएमडी की वेबसाइट के अनुसार 20 से 22 फरवरी तक मौसम में ‘मिस्ट’ (हल्की धुंध) की स्थिति बनी रहेगी। 20 फरवरी को अधिकतम 28 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री दर्ज किया जाएगा। 21 फरवरी को अधिकतम 28 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री रहने की संभावना है। 22 फरवरी को अधिकतम 30 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री रहने की संभावना जताई गई है। तीनों दिनों के लिए ‘नो वार्निंग’ जारी की गई है, यानी किसी गंभीर मौसमीय बदलाव या चेतावनी की संभावना नहीं है।

विशेषज्ञों का मानना है कि 5 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने प्रदूषक कणों को फैलाने में मदद की, जिससे एक्यूआई में गिरावट दर्ज हुई। फिलहाल हालात में स्थिरता बनी हुई है, लेकिन मौसम में बदलाव या हवा की गति कम होने पर प्रदूषण स्तर फिर बढ़ सकता है।

--आईएएनएस

 

 

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