भुवनेश्वर: ओडिशा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक ने गुरुवार को क्योंझर जिले की उस घटना को उठाया, जिसमें एक महिला का कंकाल निकालकर बैंक ले जाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि इस घटना ने राज्य की छवि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर रूप से धूमिल की है।
ओडिशा विधानसभा में भारतीय लोकतंत्र में महिलाओं की भागीदारी पर आयोजित विशेष सत्र के दौरान बोलते हुए पटनायक ने कहा कि यह घटना मुख्यमंत्री के गृह जिले में हुई, जिससे मामला और भी गंभीर हो जाता है, खासकर तब जब सदन महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहा था।
उन्होंने कहा, “ओडिशा शर्म से सिर झुकाए खड़ा है, क्योंकि एक महिला के परिवार को उसकी मौत साबित करने और उसके वैध हक की राशि पाने के लिए उसका कंकाल कब्र से निकालकर बैंक तक ले जाना पड़ा।”
बीजद अध्यक्ष पटनायक ने आरोप लगाया कि मृतका कलारा मुंडा के भाई ने उसकी मौत के बाद बैंक की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कई बार चक्कर लगाए, लेकिन अधिकारियों ने लगातार उसे परेशान किया और बहन की मौत का सबूत मांगते रहे।
सरकार पर हमला बोलते हुए पटनायक ने कहा कि यह शर्मनाक घटना प्रशासन की पूरी उदासीनता और जवाबदेही के अभाव को दिखाती है, जिसे एक असंवेदनशील राज्य सरकार का संरक्षण प्राप्त है।
उन्होंने कहा, “आज हमारी महिलाओं की यही स्थिति है। न्यूयॉर्क पोस्ट और बीबीसी ने ओडिशा के बारे में यही रिपोर्ट किया है और दुनिया हमारे बारे में यही पढ़ रही है। डबल इंजन सरकार, जहां बैंकिंग केंद्र का विषय है और राज्य सरकार असंवेदनशील है, दोनों ने राज्य के लोगों को पूरी तरह निराश किया है। ओडिशा के इतिहास में ऐसी अमानवीय शासन व्यवस्था कभी नहीं देखी गई।”
नेता प्रतिपक्ष ने पिछले वर्ष अमेरिका द्वारा जारी उस यात्रा परामर्श का भी उल्लेख किया, जिसमें अपने नागरिकों को ओडिशा यात्रा को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी गई थी। उन्होंने कहा कि राज्य की भाजपा सरकार को महिलाओं की गरिमा और सशक्तिकरण पर बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
उन्होंने कहा, “शासन अब सिर्फ कथानक और दिखावे तक सीमित हो गया है। मुख्यमंत्री को और बयान देने से पहले आत्ममंथन करना चाहिए। यह बेहद दुखद है कि इतनी क्रूर घटना मुख्यमंत्री के अपने जिले में हुई। यह ओडिशा की मौजूदा स्थिति का चौंकाने वाला उदाहरण है।”
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी द्वारा पेश प्रस्ताव पर बोलते हुए पटनायक ने कहा कि बीजू जनता दल ने हमेशा महिलाओं को आरक्षण देने का समर्थन किया है और संबंधित विधेयक का समर्थन भी किया। हालांकि, उन्होंने संसद में इस कानून को परिसीमन से जोड़कर पेश किए जाने के तरीके की आलोचना की और कहा कि इतिहास ऐसे कदम को माफ नहीं करेगा।
उन्होंने कहा कि बीजू पटनायक के नेतृत्व में ओडिशा उन शुरुआती राज्यों में शामिल था, जहां स्थानीय निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था। बाद में उनकी सरकार ने वर्ष 2011 में इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया।
पटनायक ने कहा कि बीजद ने 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों में महिलाओं को 33 प्रतिशत टिकट दिए, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा ने सिर्फ दिखावटी समर्थन किया और गलत जानकारी फैलाने का काम किया।
उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि यह बिना तथ्यों पर उचित चर्चा किए परिसीमन लागू करने की एक गुप्त कोशिश है।
उन्होंने कहा, “मैं फिर दोहराता हूं कि अगर हम इस परिसीमन का समर्थन करेंगे तो इतिहास हमें माफ नहीं करेगा। मैं ओडिशा की जनता को आश्वस्त करता हूं कि जब तक मैं यहां हूं, कोई भी ओडिशा को उसके अधिकारों से वंचित नहीं कर सकेगा।”
--आईएएनएस
