Overseas Indians : मिडिल ईस्ट युद्ध में फंसे ओडिशा के लोग, नवीन पटनायक ने केंद्र से सुरक्षित वापसी की अपील की

मिडिल ईस्ट संकट पर नवीन पटनायक की केंद्र सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
मिडिल ईस्ट युद्ध में फंसे ओडिशा के लोग, नवीन पटनायक ने केंद्र से सुरक्षित वापसी की अपील की

नई दिल्ली: ओडिशा विधानसभा में विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोमवार को एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में तेजी से बढ़ता संघर्ष ओडिशा के कई लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया है। इस संघर्ष के कारण ओडिशा के प्रवासी मजदूर, पेशेवर, छात्र और पर्यटक वहां फंसे हुए हैं और हवाई सेवाओं के बाधित होने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है।

नवीन पटनायक ने कहा कि हवाई संपर्क में व्यवधान के कारण कई लोग अनिश्चितता की स्थिति का सामना कर रहे हैं। उनकी सुरक्षा और कुशलक्षेम खतरे में है। ऐसे समय में वे राष्ट्र से तत्काल सहायता की उम्मीद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विदेश में फंसे ओडिया समुदाय के लोगों के परिजन राज्य में अत्यंत चिंतित हैं और अपने प्रियजनों की सुरक्षित वापसी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस स्थिति में उन्होंने भारत सरकार से त्वरित हस्तक्षेप की अपील की।

पटनायक ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि वह तत्काल कदम उठाकर संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में फंसे सभी ओडिया नागरिकों की सुरक्षित निकासी और स्वदेश वापसी सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि समय पर की गई त्वरित कार्रवाई न केवल लोगों की जान की रक्षा करेगी, बल्कि ओडिशा में चिंतित परिवारों को भी राहत और भरोसा प्रदान करेगी।

नवीन पटनायक ने एक्स पोस्ट में लिखा, "मिडिल ईस्ट में बढ़ते झगड़े की वजह से ओडिशा के कई लोग, जिनमें माइग्रेंट वर्कर, प्रोफेशनल, स्टूडेंट और टूरिस्ट शामिल हैं, फंस गए हैं। एयर कनेक्टिविटी में रुकावट की वजह से कई लोगों को बहुत ज्यादा अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। उनकी सुरक्षा और सेहत खतरे में है और वे तुरंत मदद के लिए देश की तरफ देख रहे हैं।"

उन्होंने आगे लिखा, "भारत सरकार (डॉ. एस जयशंकर) से रिक्वेस्ट है कि इस गोलीबारी में फंसे सभी ओडिशा के लोगों को सुरक्षित निकालने और वापस लाने के लिए तुरंत कदम उठाएं। जल्दी एक्शन लेने से न सिर्फ जानें बचेंगी बल्कि घर पर उन अनगिनत परिवारों को भी तसल्ली मिलेगी जो अपने प्रियजनों की खैरियत सुनने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।"

--आईएएनएस

 

 

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