नीट पेपर लीक केस: 15 जून तक न्यायिक हिरासत में आरोपी, सीबीटी मोड में परीक्षा पर रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। नीट-यूजी की 21 जून की होने वाली परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के रूप में कराई जाने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने अभी कोई आदेश देने से साफ इनकार किया है। कोर्ट ने कहा कि पेपर लीक से जुड़ी पहले से लंबित याचिकाओं के साथ ही हम जुलाई में इसकी सुनवाई करेंगे।

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के सांसद सुधाकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में इस संबंध में याचिका दाखिल की थी। सोमवार को जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अरविंद कुमार की बेंच ने मामले को जुलाई तक के लिए टाल दिया, जिससे नीट की दोबारा परीक्षा के लिए मांगी गई राहत प्रभावी रूप से खारिज हो गई।

याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि वह केवल उस मांग पर जोर दे रहे हैं जिसमें दोबारा परीक्षा सीबीटी मोड में करवाने की बात कही गई है। हालांकि, जस्टिस नरसिम्हा ने टिप्पणी की कि कोर्ट पहले भी इसी तरह की याचिकाओं को खारिज कर चुका है।

जब वकील ने दोबारा कहा कि वह केवल सीबीटी से संबंधित मांग पर ही जोर दे रहे हैं, तो बेंच ने संकेत दिया कि वह इस मामले पर तुरंत सुनवाई नहीं करेगी। जस्टिस नरसिम्हा ने कहा, "हम इसे छुट्टियों के बाद देखेंगे।" इसके साथ ही, उन्होंने मामले की सुनवाई टाल दी।

वहीं, नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी डॉक्टर मनोज शिरूरे, आरोपी तेजस हर्षद कुमार शाह और मनीषा संजय हवलदार को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

सोमवार को तीनों आरोपियों की कस्टडी समाप्त होने पर सीबीआई ने उन्हें अदालत में पेश किया। सुनवाई के दौरान सीबीआई ने तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की मांग की। इसके बाद कोर्ट ने अपना फैसला देते हुए तीनों आरोपियों को 15 जून तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

--आईएएनएस

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