नोएडा में श्रमिकों का आक्रोश: सामाजिक कार्यकर्ता शालिनी ने हरौला गांव पहुंचकर जानी जमीनी हकीकत

नोएडा, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। नोएडा में इन दिनों श्रमिकों के आक्रोश और विरोध प्रदर्शन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता शालिनी सिंह ने जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए ग्राम हरौला का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कंपनी में कार्यरत श्रमिकों, खासकर महिला श्रमिकों से उनके घरों पर जाकर मुलाकात की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना।

हरौला गांव में श्रमिकों की रहने की स्थिति बेहद दयनीय पाई गई। कई जगहों पर एक ही मकान के दस कमरों में दस परिवार रह रहे हैं और सभी के लिए मात्र एक बाथरूम की व्यवस्था है। इस हालात को देखकर शालिनी सिंह ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश को अभी आर्थिक असमानता और शोषण जैसी स्थितियों से आजाद कराना बाकी है।

महिला श्रमिकों ने अपनी समस्याएं बताते हुए कहा कि उन्हें उनके नाम पर जारी होने वाली सैलरी, पीएफ (भविष्य निधि) और ईएसआईसी (कर्मचारी राज्य बीमा) की कटौती की सही जानकारी तक नहीं दी जाती। ठेकेदारी प्रथा ने उनकी स्थिति को और भी अस्थिर बना दिया है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में चली दो दिन की हड़ताल के दौरान, जब वे सुरक्षा कारणों से घरों में रहीं, तब भी उनका वेतन काट लिया गया, जो पूरी तरह अनुचित है। श्रमिकों ने यह भी बताया कि उन्हें ओवरटाइम का उचित भुगतान नहीं मिलता और आवश्यकता पड़ने पर छुट्टी भी नहीं दी जाती। बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित होने पर दोहरी वेतन कटौती की जाती है, जिससे उनका आर्थिक शोषण बढ़ता जा रहा है।

महिला श्रमिकों ने कहा कि महंगाई के इस दौर में जहां गैस सिलेंडर और बच्चों की स्कूल फीस लगातार बढ़ रही है, वहीं पिछले 9-10 वर्षों में उनकी सैलरी में महज 1000 से 1500 रुपये तक की ही वृद्धि हुई है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना बेहद कठिन हो गया है।

इसके अलावा श्रमिकों ने कंपनी की कैंटीन में निम्न गुणवत्ता का भोजन मिलने, कार्यस्थल तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी पैदल तय करने की मजबूरी, तथा बीमार होने पर भी छुट्टी न मिलने जैसी गंभीर समस्याएं भी साझा कीं।

शालिनी सिंह ने इन हालात को श्रमिकों के अधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए प्रशासन और संबंधित कंपनियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने सभी श्रमिकों से अपील की कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाएं।

इस मौके पर युवा क्रांति सेना के अध्यक्ष अविनाश सिंह, अर्जुन प्रजापति, आकाश शर्मा सहित कई ग्रामवासी भी मौजूद रहे।

--आईएएनएस

पीकेटी/एएसएच

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