Mumbai Fire Safety : नए साल के जश्न से पहले बीएमसी की सख्त अपील: अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन करें, जिम्मेदारी से मनाएं उत्सव

न्यू ईयर 2026 से पहले मुंबई में होटल, पब और आयोजनों के लिए फायर सेफ्टी अलर्ट
नए साल के जश्न से पहले बीएमसी की सख्त अपील: अग्नि सुरक्षा के नियमों का पालन करें, जिम्मेदारी से मनाएं उत्सव

मुंबई: नए साल 2026 का जश्न करीब आते ही बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) और मुंबई अग्निशमन दल ने शहरवासियों, छात्रों, इवेंट आयोजकों और प्रतिष्ठानों से अग्नि सुरक्षा के सख्त नियमों का पालन करने की अपील की है।

बीएमसी ने कहा, "आपकी सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। आइए नए साल का स्वागत जिम्मेदारी और सावधानी के साथ करें।" यह अपील हाल ही में गोवा में हुए घातक नाइटक्लब फायर (जिसमें 25 लोगों की जान गई) और पिछले वर्षों की घटनाओं जैसे कमला मिल्स फायर (2017) की याद दिलाते हुए जारी की गई है, जहां अग्नि सुरक्षा में लापरवाही से बड़ी त्रासदी हुई थी।

बीएमसी ने नए साल के अवसर पर होटल, पब, बार, रेस्तरां, रूफटॉप वेन्यूज, पार्टी हॉल्स और अन्य सार्वजनिक स्थलों के लिए विस्तृत अग्नि सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए हैं। मुंबई फायर ब्रिगेड ने 22 दिसंबर से 28 दिसंबर 2025 तक 'स्पेशल फायर सेफ्टी कैंपेन' चलाया, जिसमें कुल 2,474 प्रतिष्ठानों की जांच की गई। इनमें से 122 के खिलाफ महाराष्ट्र अग्नि निवारण और जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की गई, जबकि कई को नोटिस जारी किए गए।

इससे पहले 22-26 दिसंबर तक 1,221 स्थानों की जांच में 59 के खिलाफ एक्शन लिया गया था।

प्रतिष्ठानों और आयोजकों के लिए कई मुख्य दिशानिर्देश जारी किए हैं। सभी अग्नि सुरक्षा प्रणालियां जैसे अग्नि अलार्म, फायर एक्सटिंग्विशर, स्प्रिंकलर सिस्टम और राइजर पूरी तरह कार्यात्मक और नियमित रखरखाव में हों। सभी आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा पूरी तरह खुले और निर्बाध रखें; कोई दरवाजा बंद न हो। स्पष्ट और दृश्यमान दिशा-निर्देशक और निकास साइनेज लगाएं।

इसके साथ रसोई क्षेत्रों में गैस कनेक्शन और विद्युत इंस्टॉलेशन की पूरी जांच करें। अतिरिक्त एलपीजी सिलेंडर का भंडारण न करें। परिसर की स्वीकृत क्षमता से अधिक लोगों को प्रवेश न दें। आतिशबाजी, क्रैकर्स, फायर शो, धूम्रपान और हुक्का के उपयोग पर सख्त प्रतिबंध। सजावट में ज्वलनशील पदार्थों से बचें; जहां संभव हो आग-प्रतिरोधी सामग्री का उपयोग करें।

यह सभी उपाय महाराष्ट्र अग्नि निवारण और जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2006 के अनुसार अनिवार्य हैं। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

 

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