Mumbai Defamation Case : अश्लील मैसेज वायरल कर बदनामी करने वाली महिला को कस्तूरबा पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया

व्हाट्सएप ग्रुप में अश्लील मैसेज वायरल करने वाली आरोपी गुजरात से गिरफ्तार
अश्लील मैसेज वायरल कर बदनामी करने वाली महिला को कस्तूरबा पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार किया

मुंबई: बोरीवली इलाके में एक महिला की सामाजिक छवि खराब करने और उसके चरित्र पर सवाल उठाने के लिए सोशल मीडिया पर अश्लील और आपत्तिजनक मैसेज वायरल करने वाली महिला आरोपी को कस्तूरबा मार्ग पुलिस ने गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला को एक व्हाट्सएप ग्रुप में उसके खिलाफ जानबूझकर भ्रामक, अश्लील और अपमानजनक टिप्पणियां पोस्ट की गईं। इन मैसेजेस में महिला के चरित्र पर गंभीर आरोप लगाए गए और उसे सामाजिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की गई। शिकायतकर्ता ने इस मामले में कस्तूरबा पुलिस स्टेशन में तीन महिलाओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 356(3), 79 और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि तीनों आरोपी महिलाएं इस साजिश में शामिल थीं। इनमें से एक आरोपी महिला पिछले 10 दिनों से फरार चल रही थी।

कस्तूरबा पुलिस की टीम ने सूचना एवं तकनीकी सहायता से उसकी लोकेशन ट्रेस की और गुजरात के एक होटल से उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी महिला को मुंबई लाया जा रहा है। बाकी दो आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जांच टीम वर्तमान में डिजिटल सबूतों की गहन जांच कर रही है। इसमें व्हाट्सएप चैट रिकॉर्ड, वायरल मैसेजेस, स्क्रीनशॉट्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा शामिल हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरे मामले के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है और क्या आरोपी महिलाओं का कोई आपसी विवाद या पुरानी रंजिश इस घटना का कारण बनी।

महिला शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि अश्लील मैसेज वायरल होने के बाद उसके परिवार और समाज में उसकी प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा है। कई लोगों ने उसके चरित्र पर सवाल उठाना शुरू कर दिया था, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान थी। पुलिस ने सभी पक्षों से अपील की है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग न करें। किसी की व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने या बदनामी करने के उद्देश्य से अश्लील या भ्रामक सामग्री वायरल करना गंभीर अपराध है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

--आईएएनएस

 

 

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