नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव के बीच भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने सीएम ममता बनर्जी के आरोप पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि ‘एक्सपायर इमोशनल एक्सप्लॉइटेशन’ के जरिए अगर कोई यह समझता है कि वह फिर से सत्ता में आ जाएगा, तो यह उनकी गलतफहमी है।
चुनावी सभा के दौरान सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि अगर इनकी सरकार प्रदेश में बनी तो लोग मांसाहारी भोजन नहीं खा पाएंगे।
नई दिल्ली में आईएएनएस से बातचीत में भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि ममता बनर्जी जो खेल खेलना चाहती हैं, उसमें सफलता नहीं मिलेगी। पहले ‘मां, माटी, मानुष’ की बात की गई, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया। अब ‘मांस, मछली और मुसलमान’ जैसा नया फॉर्मूला सामने लाया जा रहा है। इसके पीछे एक ही सोच है। ‘मां, माटी, मानुष’ के नाम पर जनता के साथ धोखा हुआ। न मां की सुरक्षा हो पाई, न माटी का सम्मान और न ही आम आदमी का सशक्तिकरण हुआ है। बंगाल की जनता ममता बनर्जी पर भरोसा नहीं कर सकती है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए नकवी ने कहा कि जो अवैध घुसपैठिए हैं, जो विदेशी नागरिक अवैध रूप से देश में रह रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। भाजपा शुरू से ही घुसपैठ को लेकर कहती रही है कि देश से बाहर निकालना चाहिए। इस दिशा में सरकार ने काफी काम किया भी है। कोई भी देश अपने यहां अवैध घुसपैठ और जनसंख्या के असंतुलन को नजरअंदाज नहीं कर सकता। यह समस्या दशकों से चली आ रही है।
उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा भी था जब कुछ राजनीतिक दलों ने इन अवैध घुसपैठियों को अपने वोट बैंक के रूप में देखा, उनका संरक्षण किया और उन्हें बढ़ावा दिया। आज इनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है।
मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का जिक्र करते हुए भाजपा नेता ने कहा कि भारत ने पूरे संकट के दौर में बहुत संवेदनशीलता और समझदारी के साथ काम किया है। केवल हवा-हवाई बातें या बयानबाजी नहीं की गई, बल्कि ठोस कदम उठाए गए हैं। कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो हर स्थिति में केवल राजनीति करने में लगे रहते हैं और संकट के समाधान का हिस्सा बनने के बजाय उसे राजनीतिक विवाद का विषय बना देते हैं। उन्हें यह समझना चाहिए कि आज दुनिया भारत की इस संवेदनशीलता और समझदारी को देख रही है और उसकी सराहना भी कर रही है।
उन्होंने कहा कि दुनिया का बड़ा हिस्सा बारूद के ढेर पर बैठा है। भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बहुत समझदारी के साथ इस संकट का असर भारतीयों पर कम पड़े, इस पर काम कर रही है। अफसोस की बात है कुछ लोग कंफ्यूजन पैदा करने में माहिर हो गए हैं। वह देश में भय का माहौल पैदा करने में लगे हुए हैं। देश के प्रधानमंत्री ने यही कहा है कि भय की जरूरत नहीं, भरोसे की जरूरत है। जब इस तरह का वैश्विक संकट आया है, देश ने डटकर सामने किया है।
असम चुनाव के लिए कांग्रेस की ‘5 गारंटी’ के ऐलान पर नकवी ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कुछ लोग देश में ‘गारंटी’ का ठेका लेकर घूम रहे हैं। पहले उन्हें अपनी पार्टी, अपनी राजनीति और अपने नेताओं की ही गारंटी लेनी चाहिए।
--आईएएनएस
