Mehbooba Mufti Statement : जम्मू-कश्मीर की सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी : महबूबा मुफ्ती

पीडीपी प्रमुख का हमला, 370 हटने के बाद हालात सुधारने में सरकार विफल
जम्मू-कश्मीर की सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी : महबूबा मुफ्ती

कठुआ: पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख एवं जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने रविवार को दावा किया कि सरकार लोगों की उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी।

महबूबा मुफ्ती ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, "जम्मू-कश्मीर के लोगों को सरकार से जो उम्मीदें थीं, वे पूरी नहीं हुईं। नेशनल कॉन्फ्रेंस को करीब 50 सीटें मिलीं, जिसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि उनकी मुश्किलें आसान हो जाएंगी और लोगों की जो तकलीफें हैं, वे दूर जाएंगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसी तरह दिल्ली में भी लोगों को भाजपा की सरकार से उम्मीदें थीं, लेकिन मेरे हिसाब से दोनों जमात पूरी तरह से फेल हो गई हैं।"

उन्होंने जम्मू-कश्मीर विधानसभा में प्रशासनिक पुनर्गठन का प्रस्ताव पेश करने का समर्थन करते हुए कहा, "पीडीपी का मानना है कि 2019 के बाद, जब जम्मू-कश्मीर से 370 खत्म किया गया, तब से यहां के लोगों से शक्ति नहीं दी गई है। ऐसे में दूर-दराज इलाकों में प्रशासन की मजबूती होनी चाहिए। डिवीजन बनना चाहिए। पीर पंजाल, नौशेरा और उरी में प्रशासन बैठे, जिससे लोगों की मुश्किलें आसान होंगी। हमने बिल लाया है, अब देखना है कि सरकार क्या करती है?"

मुफ्ती ने मध्य-पूर्व में जारी युद्ध को लेकर कहा, "ईरान के साथ हमारे मुल्क के बहुत ही गहरे संबंध रहे हैं। यह बदकिस्मती की बात है कि जंग शुरू होने से ठीक पहले हमारे प्रधानमंत्री इजरायल चले गए। इस दौरे का संदेश अच्छा नहीं गया। जम्मू-कश्मीर को ईरान-ए-सगीर कहा जाता था, यानी छोटा ईरान कहा जाता था। हमारे इतने गहरे ताल्लुकात रहे हैं। हमारा मजहब इस्लाम ईरान के रास्ते से आया है।"

पीडीपी प्रमुख ने आगे कहा, "जिस तरह जम्मू-कश्मीर के लोगों ने ईरान के लिए सड़कों पर निकले और उस मुल्क के लिए पैसा जमा कर रहे हैं, मदद कर रहे हैं। यह जज्बे को दिखाता है। हमारी दुआ है कि ईरान कामयाब हो जाए और जंग रुक जाए। जंग से हमारे मुल्क पर भी बहुत खराब असर पड़ रहा है।"

उन्होंने कहा, "पेट्रोल और गैस महंगा हो रहा है। महंगाई बढ़ रही है, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना कर पड़ रहा है। मध्य-पूर्व युद्ध का पूरी दुनिया पर बुरा असर पड़ रहा है। हमारे मुल्क और जम्मू-कश्मीर के लोग लाखों की तादाद में गल्फ देशों में काम करते हैं। हालात बिगड़ने से बेरोजगारी बढ़ जाएगी।"

--आईएएनएस

 

 

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