शिलांग: मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने शुक्रवार को कहा कि बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खासकर ग्रामीण व दूरदराज के इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक सभी की समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
संगमा ने दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स के बाबेलापारा हायर सेकेंडरी स्कूल में सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षा को अपनी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि व्यवस्था में मौजूद कमियों को दूर करने के लिए एक 'मजबूत और भविष्योन्मुखी दृष्टिकोण' अपनाना बेहद जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि निश्चित वेतन पाने वाले शिक्षकों के लिए 'स्ट्रक्चर्ड पे फ्रेमवर्क' (एसपीएफ) की शुरुआत का मकसद एक पारदर्शी, न्यायसंगत और टिकाऊ वेतन प्रणाली तैयार करना है। इससे सेवा शर्तों में सुधार होगा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभ भी मिलेंगे।
संगमा ने कहा कि शिक्षा के पूरे तंत्र को बेहतर बनाना ही युवाओं को सशक्त बनाने और राज्य में दीर्घकालिक सामाजिक-आर्थिक विकास को गति देने का मुख्य आधार है।
उन्होंने बताया कि मेघालय में 'लोअर प्राइमरी' स्कूलों के उन्नयन के लिए शुरुआती तौर पर लगभग 2,000 करोड़ रुपए की आवश्यकता थी। इस पहल की शुरुआत 100 स्कूलों से की गई थी, और अब इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बाबेलापारा हायर सेकेंडरी स्कूल के बुनियादी ढांचे और विकास संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए 'मुख्यमंत्री विकास कोष' से 20 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की।
इस कार्यक्रम का आयोजन स्कूल द्वारा अपनी 'स्कूल प्रबंधन समिति' और 'ऑल मेघालय अपर प्राइमरी एंड सेकेंडरी डेफिसिट पैटर्न स्कूल टीचर्स एसोसिएशन' के सहयोग से किया गया था, जिसका मुख्य उद्देश्य एसपीएफ पहल के लिए मुख्यमंत्री को सम्मानित करना था।
इससे पहले, स्कूल प्रशासन ने अपर्याप्त बुनियादी ढांचे और वित्तीय बाधाओं जैसी चुनौतियों को रेखांकित किया था, और सुविधाओं व शिक्षण-अधिगम के माहौल को बेहतर बनाने के लिए सरकार से सहयोग की अपील की थी।
विधायक इयान बोथम के. संगमा ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रही है, विशेष रूप से ग्रामीण और उन इलाकों में जहां सुविधाओं की कमी है। उन्होंने बताया कि बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने, शिक्षण की गुणवत्ता को बढ़ाने और शिक्षा तक पहुंच का विस्तार करने के प्रयास जारी हैं।
इस कार्यक्रम में कई अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें एमडीसी राकेश ए. संगमा, उपायुक्त अनंद्या राजश्री, पुलिस अधीक्षक विकास वर्मा और जिले के अन्य अधिकारी शामिल थे।
--आईएएनएस
