पीएम मोदी मध्यम वर्ग के लोगों के हित में फैसला लें: राजद सांसद मनोज झा

मनोज झा का केंद्र पर हमला, कैबिनेट बैठक और ऑटो हड़ताल पर बयान
पीएम मोदी मध्यम वर्ग के लोगों के हित में फैसला लें: राजद सांसद मनोज झा

नई दिल्ली: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद मनोज कुमार झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक, राहुल गांधी के विवादित बयान और दिल्ली-एनसीआर में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से खास बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक पर मनोज कुमार झा ने कहा कि सरकार ने इस मुद्दे पर काफी देर कर दी। 28 फरवरी से ही दुनिया के अलग-अलग देशों को अंदाजा हो गया था कि कितना बड़ा संकट सामने आने वाला है और आने वाले दिनों में उसका प्रभाव कितना बढ़ सकता है। लेकिन, प्रधानमंत्री मोदी की प्राथमिकता पहले चुनाव होती है, उसके बाद बाकी चीजें आती हैं।

उन्होंने कहा कि अब जब प्रधानमंत्री विदेश दौरे से लौटे हैं, तो उम्मीद है कि सरकार कोई ठोस फैसला लेगी। मैं प्रधानमंत्री से आग्रह करूंगा कि जो भी निर्णय लें, उसमें मध्यम और निम्न आय वर्ग के लोगों की सुरक्षा और राहत का ध्यान रखा जाए। जब कच्चे तेल की कीमतें काफी कम थीं, तब सरकार के करीबी उद्योगपतियों ने भारी मुनाफा कमाया। अब समय है कि उस कमाई का कुछ बोझ उठाया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके।

राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए विवादित बयान पर मनोज झा ने कहा कि राहुल गांधी संविधान के संदर्भ में बात कर रहे थे। जहां तक मैंने पूरा बयान देखा है, सार्वजनिक जीवन में हममें से कोई भी इस तरह की भाषा का समर्थन नहीं करेगा। लेकिन, यह भी देखना होगा कि प्रधानमंत्री मोदी अक्सर विपक्ष को पाकिस्तान परस्त, एंटी नेशनल और अर्बन नक्सल जैसे शब्दों से संबोधित करते हैं। क्या उस पर चर्चा नहीं होनी चाहिए?

उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक दलों और नेताओं को सामूहिक रूप से इस बात पर विचार करना चाहिए कि सार्वजनिक जीवन में भाषा की गरिमा किसी भी परिस्थिति में नीचे न जाए।

दिल्ली-एनसीआर में ऑटो-टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल पर प्रतिक्रिया देते हुए मनोज झा ने कहा कि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर कई क्षेत्रों पर पड़ना तय था। जब पहली बार कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, तभी मैंने कहा था कि इसका असर अलग-अलग सेक्टरों पर पड़ेगा। अब हम उसी स्थिति में पहुंच चुके हैं। मैं समझता हूं कि सरकार को इस दिशा में सार्थक पहल करनी चाहिए।

--आईएएनएस

पीएसके

 

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