मुंबई: राज्य विधानमंडल में बुधवार को महाराष्ट्र मोटर वाहन कर (संशोधन) विधेयक, 2026 सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। यह जानकारी परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने दी। इस विधेयक को राज्य के भीतर पर्यावरण संरक्षण, राजकोषीय अनुशासन और औद्योगिक विकास के बीच संतुलन बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस विधेयक के माध्यम से बढ़ते वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के प्रयास में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर लगने वाले पर्यावरण कर को बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
इसके अनुसार, पर्यावरण टैक्स को दोपहिया वाहनों के लिए 2,000 रुपए से बढ़ाकर 4,000, पेट्रोल वाहनों के लिए 3,000 रुपए से बढ़ाकर 6,000 रुपए और डीजल वाहनों के लिए 3,500 रुपए से बढ़ाकर 7,000 रुपए कर दिया गया है। यह टैक्स पांच वर्षों की अवधि के लिए एकमुश्त राशि के रूप में वसूला जाएगा।
इस संशोधित टैक्स संरचना से राज्य के लिए 160 करोड़ रुपए से अधिक का अतिरिक्त वार्षिक राजस्व उत्पन्न होने की उम्मीद है। इस राशि का उपयोग सड़क सुरक्षा पहलों, आधुनिक परिवहन सुविधाओं, एटीएस (स्वचालित यातायात निगरानी) प्रणाली और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा, औद्योगिक क्षेत्र को राहत प्रदान करते हुए क्रेन वाहनों पर लागू होने वाले मोटर वाहन कर की अधिकतम सीमा 30 लाख रुपए निर्धारित की गई है। इस कदम से निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इस विधेयक से नागरिकों को बीएस-6 मानकों के अनुरूप और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होने की उम्मीद है, जिससे राज्य की पर्यावरण नीति को मजबूती मिलेगी। साथ ही, यह भी अनुमान है कि यह कानून ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में वार्षिक रोजगार सृजन में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगा। विशेष रूप से, यह विधेयक राज्य की संचित निधि पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं डालेगा। इसके विपरीत, यह राजस्व वृद्धि में योगदान देगा।
मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि सदन में सभी राजनीतिक दलों के सदस्यों ने इस विधेयक का स्वागत किया और इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी, जो राज्य के समग्र विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
--आईएएनएस
