मुंबई:महाराष्ट्र के उच्च और तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने बुधवार को निर्देश दिया कि परीक्षा परिणाम घोषित होने और जरूरी सत्यापन पूरा होने के तुरंत बाद छात्रों की डिग्री प्रमाणपत्र डिजीलॉकर पर अपलोड किए जाएं। इसके लिए छात्रों को दीक्षांत समारोह तक इंतजार नहीं कराना पड़ेगा।
मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि परीक्षा परिणाम आने के तुरंत बाद कई छात्र विदेशों की यूनिवर्सिटी, उच्च शिक्षा संस्थानों, छात्रवृत्ति, इंटर्नशिप और नौकरी के लिए आवेदन करते हैं, लेकिन परिणाम घोषित होने और दीक्षांत समारोह के बीच लंबे अंतर के कारण छात्रों को तय समय सीमा में डिग्री प्रमाणपत्र जमा करने में दिक्कत होती है।
मंत्री ने कहा कि डिग्री प्रमाणपत्र मिलने में देरी के कारण छात्रों को पढ़ाई या करियर के मौके नहीं गंवाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई छात्र सफलतापूर्वक कोर्स पूरा कर ले और उसका परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित हो जाए, सत्यापित डिग्री प्रमाणपत्र जल्द से जल्द डिजिटल रूप में उपलब्ध करा दिया जाना चाहिए।
चंद्रकांत पाटिल ने बताया कि उन्होंने उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि राज्य की सभी यूनिवर्सिटी डिजीलॉकर पर डिग्री प्रमाणपत्र अपलोड करने की एक समान प्रक्रिया अपनाएं।
उन्होंने इस संबंध में जल्द से जल्द सरकारी प्रस्ताव (जीआर) जारी करने के भी निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने कहा, ''इस फैसले से भारत और विदेश में उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी अवसरों, इंटर्नशिप और रोजगार के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही परिणाम के तुरंत बाद फिजिकल डिग्री के लिए बार-बार यूनिवर्सिटी के चक्कर लगाने की जरूरत भी कम होगी।''
उन्होंने कहा कि डिजीलॉकर छात्रों को सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज देगा, जिसका इस्तेमाल वे शैक्षणिक और पेशेवर जरूरतों के लिए कभी भी कर सकेंगे।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों के शैक्षणिक हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित करना चाहती है कि डिग्री प्रमाणपत्र मिलने में प्रक्रियागत देरी के कारण कोई छात्र किसी अवसर से वंचित न रह जाए।
--आईएएनएस
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