महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: 5 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, 12 सीटों पर होगा कड़ा मुकाबला

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: 5 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, 12 सीटों पर होगा कड़ा मुकाबला

मुंबई, 4 जून (आईएएनएस)। महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) की स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्रों की 17 सीटों के लिए नामांकन वापसी के अंतिम दिन गुरुवार को राजनीतिक हलचल तेज रही। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन ने पांच सीटों पर निर्विरोध जीत दर्ज कर ली, जबकि शेष 12 सीटों पर अब सीधा चुनावी मुकाबला होगा।

महाविकास आघाड़ी (एमवीए) ने कई सीटों पर महायुति को चुनौती देने की कोशिश की, लेकिन संख्या बल की कमी और सहयोगी दलों के अपेक्षित समर्थन न मिलने के कारण उसके कई उम्मीदवारों ने नामांकन वापस ले लिया। दूसरी ओर, महायुति नेतृत्व ने अपने अधिकांश बागी उम्मीदवारों को मनाने में सफलता हासिल की।

निर्विरोध निर्वाचित होने वाले उम्मीदवारों में वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली से अरुण लाखानी (भाजपा), पुणे से विक्रम काकड़े (राकांपा-अजित पवार), ठाणे से रवींद्र फाटक (शिवसेना-एकनाथ शिंदे), रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग से अनिकेत तटकरे (राकांपा-अजित पवार) और यवतमाल से दुश्यंत चतुर्वेदी (शिवसेना-शिंदे) शामिल हैं।

रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट पर उस समय राजनीतिक नाटक देखने को मिला, जब शिवसेना (यूबीटी) के उम्मीदवार बाल माने महायुति सरकार के मंत्री नितेश राणे के साथ जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बाल माने को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया। इससे अनिकेत तटकरे की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया।

पुणे में राकांपा के सुनील टिंगरे, भाजपा के बागी प्रदीप कांद और एमवीए समर्थित उम्मीदवार श्रीकांत पाटिल के नामांकन वापस लेने के बाद विक्रम काकड़े निर्विरोध चुने गए।

ठाणे में एमवीए उम्मीदवार अभिजीत पवार के हटने से शिवसेना (शिंदे) के रवींद्र फाटक निर्विरोध निर्वाचित हो गए। वहीं यवतमाल में कांग्रेस उम्मीदवार साहेबराव कांबले और बाद में एमवीए समर्थित सैयद फारूक के नामांकन वापस लेने से दुश्यंत चतुर्वेदी भी बिना मुकाबले जीत गए।

वर्धा-चंद्रपुर-गढ़चिरौली में कांग्रेस उम्मीदवार शैलेश कुमार अग्रवाल और निर्दलीय सुधीर कोठारी के हटने से भाजपा के अरुण लाखानी निर्विरोध विजेता बने।

अब जिन 12 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें कई जगह दिलचस्प मुकाबले देखने को मिलेंगे। अहमदनगर (अहिल्यानगर) में भाजपा के प्राजक्त तनपुरे और निर्दलीय दत्तात्रेय पानसरे आमने-सामने होंगे। नासिक में मौजूदा सदस्य नरेंद्र दराडे को बागी उम्मीदवार गोकुल गीते से चुनौती मिलेगी।

सांगली-सातारा में भाजपा के धैर्यशील कदम और राकांपा (शरद पवार गुट) के अभयसिंह जगताप के बीच मुकाबला होगा। नागपुर उपचुनाव में महायुति के राजीव पोतदार और एमवीए के अतुल लोंढे आमने-सामने होंगे।

सोलापुर में भाजपा के राजेंद्र राऊत का मुकाबला राकांपा (शरद पवार गुट) के वसंतराव देशमुख से होगा, जबकि नांदेड़ में कांग्रेस के रामदास पाटिल और भाजपा के अमर राजुरकर के बीच सीधी टक्कर होगी।

अमरावती में भाजपा के प्रवीण पोटे पाटिल, कांग्रेस के हर्षजीत देशमुख और वंचित बहुजन आघाड़ी के निलेश विश्वकर्मा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिलेगा।

परभणी-हिंगोली में शिवसेना (शिंदे) के सईद खान, शिवसेना (यूबीटी) के विवेक नवंदर और निर्दलीय सुशील देशमुख मैदान में हैं। धाराशिव-लातूर-बीड में भाजपा के बसवराज पाटिल और कांग्रेस के महेश देशमुख के बीच सीधी लड़ाई होगी।

जलगांव में भाजपा के नंदकिशोर महाजन, शिवसेना (यूबीटी) के शरद तायड़े और शिवसेना (शिंदे) की रेशमा काले के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होगा। वहीं छत्रपति संभाजीनगर-जलना सीट पर भाजपा के सुहास सिरसाट और शिवसेना (यूबीटी) के गणेश लोखंडे के बीच चुनावी संघर्ष होगा।

महायुति के लिए पांच सीटों पर निर्विरोध जीत मनोबल बढ़ाने वाली मानी जा रही है, जबकि बाकी 12 सीटों पर होने वाला मतदान महाराष्ट्र की बदलती राजनीतिक तस्वीर का संकेत देगा।

--आईएएनएस

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