पटना, 6 जून (आईएएनएस)। पिता लालू प्रसाद यादव और मां राबड़ी देवी की सुरक्षा हटाए जाने पर बेटी रोहिणी आचार्य भड़क गई हैं। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कवर में कटौती के बाद दिखावे की सुरक्षा रखने का कोई औचित्य ही नहीं है। इसके साथ ही, सरकार को चेतावनी देते हुए रोहिणी आचार्य ने कहा कि अगर परिवार के किसी सदस्य को नुकसान पहुंचा तो इसके अंजाम का अंदाजा सरकार को नहीं है।
रोहिणी आचार्य ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सात खून के आरोपी रहे मुख्यमंत्री की सरकार की ओर से लालू और राबड़ी देवी की सुरक्षा में कटौती का फैसला परिवार को नुकसान व शारीरिक क्षति पहुंचाने की नीयत से ही लिया गया है।"
उन्होंने आगे कहा, "सुरक्षा कवर में कटौती के बाद दिखावे की सुरक्षा रखने का कोई औचित्य ही नहीं है, इसके मद्देनजर ही राबड़ी देवी ने अपने आधिकारिक आवास से सुरक्षाकर्मियों को वापस किए जाने का निर्णय लिया है।"
रोहिणी आचार्य ने पोस्ट में लिखा, "सम्राट सरकार को ये जान लेना चाहिए कि बिहार की करोड़ों जनता ही लालू-राबड़ी देवी और उनके परिवार का सुरक्षा कवच है। अगर लालू, राबड़ी देवी और परिवार के किसी भी सदस्य को एक खरोंच भी आई थी तो अंजाम क्या होगा, इसका अंदाजा शायद सम्राट चौधरी और उनकी सरकार को नहीं है।"
वहीं, रोहिणी आचार्य ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, "तमाम लालूवादियों से मेरी अपील है कि आप सब भारी संख्या में राबड़ी देवी के आधिकारिक आवास पहुंच कर बदले की भावना से काम कर रहे मुख्यमंत्री को ये सीधा, साफ और कड़ा संदेश दें कि आप सब ही लालू परिवार की असली सुरक्षा और ढाल हैं। पूरा देश और पूरा बिहार देख रहा है कि कैसे बिहार की पहली महिला मुख्यमंत्री व उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है और बिहार की जनता ही बदले की भावना से की गई हर कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देगी।"
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी भी 'जेड प्लस' सुरक्षा हटाए जाने के बाद नाराज हैं। शनिवार को लालू यादव और पत्नी राबड़ी देवी ने सुरक्षा में तैनात बाकी पुलिसकर्मियों को भी वापस लौटा दिया।
इसी तरह तेजस्वी यादव ने वन पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों को ड्यूटी से वापस भेज दिया। इसके बाद एक भी सुरक्षाकर्मी पोलो रोड में उपस्थित नहीं है।