जयपुर: कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद छह महिलाओं में से एक की मौत हो जाने और बाकी पांच के कड़ी निगरानी में रखा गया है। इस मामले में राजस्थान सरकार ने बुधवार को इस मामले में विशेषज्ञ मेडिकल बोर्ड का गठन किया है और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं।
राज्य सरकार ने अस्पताल में प्रसव के बाद इलाज करा रही महिलाओं की तबीयत बिगड़ने की रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खिमसर ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
जयपुर के सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से चार विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम को कोटा भेजा गया है, जो मरीजों के इलाज और स्थिति का आकलन करेगी।
इस टीम में एनेस्थीसिया, मेडिसिन, स्त्री रोग एवं प्रसूति (ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) और नेफ्रोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ शामिल हैं।
अधिकारियों के अनुसार, ये विशेषज्ञ न केवल इलाज में सहयोग करेंगे, बल्कि घटना की परिस्थितियों का भी मूल्यांकन करेंगे।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव गायत्री राठौर ने बताया कि सभी प्रभावित महिलाओं को कोटा के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उनका इलाज विशेषज्ञों की निगरानी में चल रहा है।
उन्होंने कहा कि मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सभी जरूरी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
राजस्थान सरकार ने इस मामले की कारणों का पता लगाने के लिए समयबद्ध और व्यापक जांच के आदेश भी दिए हैं।अधिकारियों को जांच प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार ने कहा है कि यदि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही या चूक पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ नियमों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
--आईएएनएस
