तिरुवनंतपुरम: केरल पुलिस प्रमुख रावदा ए. चंद्रशेखर ने बुधवार को कन्नूर डेंटल कॉलेज में बीडीएस छात्र नितिन राज की मौत की जांच राज्य क्राइम ब्रांच को सौंप दी।
यह आदेश कन्नूर सिटी पुलिस कमिश्नर निधिनराज पी की सिफारिश के बाद राज्य पुलिस प्रमुख ने जारी किया। यह फैसला शैक्षणिक उत्पीड़न और डिजिटल लोन ऐप से धमकियों के आरोपों को लेकर बढ़ती चिंता के बीच लिया गया है।
कन्नूर डेंटल कॉलेज के छात्र नितिन राज ने 10 अप्रैल को कॉलेज भवन से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद व्यापक आक्रोश फैल गया और निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी।
मृतक के परिवार का आरोप है कि विभागाध्यक्ष एमके राम ने नितिन को लंबे समय तक मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। अब यही आरोप क्राइम ब्रांच की जांच का मुख्य आधार बन गया है।
इस मामले में कॉलेज के दो शिक्षकों, एम.के. राम और संगीता नांबियार को आरोपी बनाया गया है।
कॉलेज प्रबंधन ने शुरुआत में दोनों को निलंबित कर दिया था। बाद में विवाद बढ़ने पर एम.के. राम को नौकरी से हटा दिया गया।
अधिकारियों के अनुसार, अब जांच में कॉलेज के अंदरूनी दस्तावेज, शैक्षणिक रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयान खंगाले जाएंगे, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं संस्थागत लापरवाही या दबाव तो नहीं था।
स्थानीय अदालत से अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद एमके राम फरार चल रहे हैं, जबकि संगीता नांबियार को जमानत मिल चुकी है और वह पुलिस के सामने पेश भी हो चुकी हैं।
इस मामले में एक डिजिटल एंगल भी सामने आया है। साइबर पुलिस ने अवैध लोन ऐप से जुड़े तीन लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया है, जिन पर छात्र और एक शिक्षक को धमकाने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी ऋषिकेश तिवारी, उत्तर प्रदेश निवासी प्रशांत केवल और फरीदाबाद निवासी प्रकाश जय के रूप में हुई है।
अब क्राइम ब्रांच इस बात की भी जांच करेगी कि क्या छात्र पर शैक्षणिक दबाव और बाहरी आर्थिक धमकियों का आपस में कोई संबंध था। साथ ही अवैध और शोषणकारी लोन ऐप्स से जुड़े नियमों की खामियों की भी जांच की जाएगी।
--आईएएनएस
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