तिरुवनंतपुरम: केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने रविवार को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने समानता, गरिमा और न्याय के लिए महिलाओं के ऐतिहासिक संघर्षों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लैंगिक न्याय और सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाली नीतियों को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
अपने एक्स हैंडल पर साझा किए गए संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दिन विश्व भर में महिलाओं द्वारा समान अधिकारों और सामाजिक न्याय के लिए किए गए लंबे और दृढ़ संघर्षों को सम्मानित करने का अवसर है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की प्रगति समाज की समग्र प्रगति से अविभाज्य रूप से जुड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि महिलाओं की उन्नति समाज की उन्नति है, और यही सिद्धांत हमारे आगे के मार्ग का मार्गदर्शन करना चाहिए।
केरल की लैंगिक समानता के प्रति दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर प्रकाश डालते हुए विजयन ने कहा कि राज्य ने महिलाओं को सशक्त बनाने और सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लगातार प्रगतिशील और जनहितैषी नीतियां लागू की हैं।
उन्होंने देश के पहले महिला एवं बाल कल्याण विभाग की स्थापना और लैंगिक बजट के कार्यान्वयन जैसी ऐतिहासिक पहलों का उल्लेख किया, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सार्वजनिक व्यय में महिलाओं की विशिष्ट आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखा जाए।
मुख्यमंत्री के अनुसार, ये पहलें एक समावेशी समाज के निर्माण के केरल के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जहां महिलाओं को जीवन के हर क्षेत्र में पूर्ण भागीदारी के लिए सशक्त बनाया जाता है।
विजयन ने एक ऐसे सामाजिक वातावरण के निर्माण की आवश्यकता पर भी बल दिया जिसमें महिलाएं भयमुक्त होकर जीवन व्यतीत कर सकें, आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकें, और समाज के सभी क्षेत्रों में सार्थक योगदान दे सकें।
उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा, समान अवसर और गरिमा सुनिश्चित करना सरकार और समाज दोनों का मूलभूत दायित्व है।
उन्होंने आगे कहा कि केरल जन-केंद्रित नीतियों के साथ आगे बढ़ता रहेगा जो समानता और सामाजिक न्याय के आदर्शों को बढ़ावा देते हुए महिला सशक्तिकरण को मजबूत करेंगी।
--आईएएनएस
