Kerala Assembly Election 2026 : आईयूएमएल और केरल कांग्रेस (जोसेफ) की सूची में पीढ़ीगत बदलाव और सामाजिक संतुलन की झलक

आईयूएमएल और केरल कांग्रेस की सूची में दिखा पीढ़ीगत बदलाव और सामाजिक रणनीति
केरल चुनाव: आईयूएमएल और केरल कांग्रेस (जोसेफ) की सूची में पीढ़ीगत बदलाव और सामाजिक संतुलन की झलक

तिरुवनंतपुरम: केरल विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस-नीत यूडीएफ के सहयोगी दलों इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) और केरल कांग्रेस (जोसेफ) ने मंगलवार को अपने उम्मीदवारों की सूची के अहम हिस्से जारी किए। इन सूचियों में पीढ़ीगत बदलाव और सामाजिक आधार को मजबूत करने की रणनीति साफ नजर आई।

केरल में 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए 9 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि मतगणना 4 मई को होगी।

आईयूएमएल ने 25 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं। सबसे चर्चित फैसला कन्नूर जिले के कुतुपरंबा सीट से जयंती राजन को उम्मीदवार बनाना है, जो एक हिंदू महिला हैं। इसे पार्टी के पारंपरिक वोट बैंक से बाहर सामाजिक विस्तार की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

वहीं, वरिष्ठ नेता एम के मुनीर को स्वास्थ्य कारणों के चलते इस बार टिकट नहीं दिया गया है।

एक बड़े बदलाव के तहत पी. के. कुन्हालीकुट्टी इस बार अपनी पारंपरिक वेंगारा सीट की जगह मलप्पुरम से चुनाव लड़ेंगे, जबकि वेंगारा से के.एम. शाजी को उम्मीदवार बनाया गया है।

अन्य प्रमुख उम्मीदवारों में फैयसल बाबू (कोझिकोड दक्षिण), फातिमा तेहलिया (पेराम्ब्रा), रजाक मास्टर (कुन्नामंगलम) और रहमतुल्ला (मंजेरी) शामिल हैं, जो अनुभव और नए चेहरों का संतुलन दिखाते हैं।

तिरुरंगडी सीट से पूर्व मंत्री अब्दुरब्ब के भाई अनवर नाहा को टिकट दिया गया है। कई सीटों पर मौजूदा व्यवस्था बरकरार रखी गई है, जैसे तिरुवंबाडी से सी.के. कासिम चुनाव लड़ेंगे।

अन्य उम्मीदवारों में परक्कल अब्दुल्ला (कुट्टियाडी), ए.के.एम. अशरफ (मंझेश्वरम), अबिद हुसैन थंगल (कोट्टक्कल), एन. शम्सुदीन (मन्नारक्कड) और वी.ई. अब्दुल गफूर (कलामसेरी) शामिल हैं। पुनलूर और चेलक्करा सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा बाद में की जाएगी।

उधर, केरल कांग्रेस (जोसेफ) ने कांग्रेस द्वारा आवंटित आठ सीटों पर अपने उम्मीदवारों का ऐलान किया। सबसे बड़ा फैसला पार्टी अध्यक्ष पी. जे. जोसेफ़ का रहा, जिन्होंने थोडुपुझा सीट अपने बेटे अप्पू जॉन जोसेफ के लिए छोड़ दी। इसे पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव का संकेत माना जा रहा है।

दोनों दलों की सूचियां यह दर्शाती हैं कि यूडीएफ आगामी चुनाव में परंपरा और बदलाव के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना चाहती है।

--आईएएनएस

 

 

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