बेंगलुरु: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं जैव प्रौद्योगिकी मंत्री प्रियंक खड़गे ने गुरुवार को बताया कि कर्नाटक में ग्राम पंचायतों द्वारा कर (टैक्स) संग्रह में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है और कुल संग्रह 1,560.76 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
उन्होंने बेंगलुरु में कहा कि राज्य के 5,943 ग्राम पंचायतों के जरिए ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग इस वर्ष कर संग्रह और राजस्व जुटाने के मामले में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले विभागों में शामिल रहा है, जिसने पिछले साल के आंकड़ों को भी पार कर लिया है।
मंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष कर्नाटक ने कर संग्रह और राजस्व जुटाने में राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान हासिल किया था। उन्होंने संतोष जताया कि साल-दर-साल बढ़ता कर संग्रह बेहतर प्रशासन, सख्त नियमों के पालन और प्रभावी कर प्रणाली का परिणाम है।
खड़गे के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में ग्राम पंचायतों ने पहली बार 1,272.54 करोड़ रुपये का कर संग्रह किया, जो कुल मांग का 80 प्रतिशत था और एक रिकॉर्ड बना। वहीं, 2025-26 में यह बढ़कर 1,382.57 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष से 110.04 करोड़ रुपये अधिक है। यह चालू वर्ष की मांग का 89 प्रतिशत है, जो एक और रिकॉर्ड है।
उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि व्यापक जागरूकता अभियानों, कर वसूली अभियानों और संग्रह प्रणाली में लगातार सुधार के चलते संभव हो पाई है। मंत्री ने ग्राम पंचायत स्तर के बिल कलेक्टर से लेकर उच्च अधिकारियों तक सभी के योगदान की सराहना की।
प्रियांक खड़गे ने यह भी बताया कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल के पिछले तीन वर्षों में कर संग्रह में निरंतर वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि एकत्रित प्रत्येक रुपये को ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक कार्यों, बेहतर सेवाओं और स्थानीय विकास पर खर्च किया जा रहा है, जिससे समग्र ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि रायचूर जिले ने अपने कर लक्ष्य का 129 प्रतिशत संग्रह कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है, जबकि राज्य के 11 जिलों ने 100 प्रतिशत से अधिक कर संग्रह किया है।
--आईएएनएस
